संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी का भाषण 'झूठ से भरा' था और सत्तारूढ़ गठबंधन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा किये गए 'झूठे' दावों को सदन की कार्यवाही से हटाये जाने का अनुरोध करेगा।केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल के भाषण के तुरंत बाद, रीजीजू ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य आसन को एक नोटिस देंगे, जिसमें नेता प्रतिपक्ष द्वारा बोले गए किसी भी कथन के प्रमाणीकरण की मांग की जाएगी।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, 'राहुल गांधी ने जो भी झूठ बोला है, हम उसे रिकॉर्ड से हटाये जाने की मांग करेंगे।'हालांकि, राहुल गांधी ने अपने बयानों को प्रमाणित करने का वादा किया है, लेकिन मंत्री ने कहा, 'मुझे पता है कि वह उन्हें प्रमाणित नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने झूठ बोला है। उन्होंने सदन में झूठ बोला है।' रीजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अक्सर जानबूझकर झूठ बोलते हैं और फिर संबंधित मंत्री का जवाब सुनने के बजाय सदन छोड़कर चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के पास लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के योग्य गंभीर स्वभाव वाला कोई व्यक्ति नहीं है।उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी का रुख यह है कि हम राहुल गांधी के झूठ का जवाब सदन के बाहर देंगे, लेकिन सदन के अंदर नोटिस जारी किया जाएगा।'
'राहुल ने बिना नोटिस दिये पेट्रोलियम मंत्री पर एक गंभीर आरोप लगाया'
रीजीजू ने कहा कि राहुल गांधी ने बिना नोटिस दिये पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर एक गंभीर आरोप लगाया है, जो विशेषाधिकार हनन है।
उन्होंने कहा, 'हम आसन को आवश्यक सूचना देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने बजट पर चर्चा में कोई उपयोगी और ठोस योगदान नहीं दिया, बल्कि केवल कुछ बेबुनियाद आरोप लगाए।'संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को उस समय सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा है, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर चर्चा का जवाब देंगी।
'भाषण देने के बाद वह तुरंत सदन से बाहर चले गए'
उन्होंने कहा, 'भाषण देने के बाद वह (राहुल) तुरंत सदन से बाहर चले गए। जबकि नियम यह है कि एक बार कोई सदस्य अपना भाषण दे दे, तो वह तुरंत सदन नहीं छोड़ सकता।'रीजीजू ने यह भी दावा किया कि 20 से 25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके कक्ष में अपशब्द कहे, लेकिन वहां मौजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं प्रियंका गांधी वाद्रा और के.सी. वेणुगोपाल ने उन्हें नहीं रोका।
'लोकसभा अध्यक्ष बहुत नरम स्वभाव के हैं, अन्यथा वह कड़ी कार्रवाई करते'
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि बिरला बहुत आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष बहुत नरम स्वभाव के हैं, अन्यथा वह कड़ी कार्रवाई करते। उन्होंने कहा, 'कुछ सदस्य बिरला के कक्ष में गए और उन्हें अपशब्द कहे। जब 20 से 25 कांग्रेस सांसद अध्यक्ष के कक्ष में गए, तो मैं भी वहां गया। उन्होंने अध्यक्ष को जिस तरह के अपशब्द कहे, उन्हें मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता।' उन्होंने दावा किया कि घटना के समय प्रियंका गांधी, वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता कक्ष में मौजूद थे। उन्होंने यह भी दावा किया, 'वे (कांग्रेस सांसदों को) उकसा रहे थे। उनके नेता सांसदों को झगड़ा करने के लिए उकसा रहे थे।'
