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Parliament security Breach: कोर्ट ने 'स्मोक अटैक' करने वाले 4 आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Dec 14, 2023, 08:59 PM IST

Parliament security Breach Accused:संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में अदालत ने चार आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा दिया है, पुलिस ने अदालत से आरोपियों को 15 दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया था।

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Parliament security Breach Update: दिल्ली एक अदालत ने नये संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोप में गिरफ्तार किये गए चार लोगों को बृहस्पतिवार को सात दिन के लिए दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेज दिया।पुलिस ने आरोपियों-मनोरंजन डी, सागर शर्मा, अमोल शिंदे और नीलम देवी- को एनआईए (NIA) मामलों की विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर की विशेष अदालत में पेश किया।पुलिस ने अदालत से आरोपियों को 15 दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।

अदालत ने आरोपियों को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के अलावा आतंकवाद-रोधी कानून गैर कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप लगाए गए हैं। अदालत में बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने चारों व्यक्तियों पर आतंकवादी कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने डर पैदा करने की कोशिश की।

पुलिस ने कहा, 'यह संसद पर सुनियोजित हमला था।' दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद और आतंकवाद की साजिश से संबंधित यूएपीए की धाराएं 16 और 18 जोड़ी हैं।पुलिस ने कहा, 'उन्हें दर्शक दीर्घा तक ही सीमित रहना था। वे दर्शक दीर्घा से ‘वेल’ में कूद गए, जो घुसपैठ थी। उन्होंने (धुएं की) 'कैन' अपने जूतों में छिपाई हुई थी।'

अभियोजन पक्ष ने कहा कि घटना के पीछे के असल मकसद को सामने लाने और यह पता लगाने के लिए कि क्या कुछ अन्य लोग भी शामिल थे, आरोपियों की हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।अदालत को बताया गया, 'ये विशेष जूते लखनऊ में बनाए गए थे, जिनकी जांच की जानी चाहिए। उन्हें जांच के लिए मुंबई, मैसूर और लखनऊ ले जाने की जरूरत है।'

आरोपियों की इस दलील पर कि उनके पास उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई वकील नहीं है, अदालत ने आरोपियों के लिए एक वकील नियुक्त किया।अदालत द्वारा नियुक्त बचाव पक्ष के वकील ने 15 दिन की हिरासत के लिए दिल्ली पुलिस के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि हिरासत में पूछताछ के लिए दो या तीन दिन पर्याप्त हैं।

संसद पर 2001 में हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन सुरक्षा में सेंध लगाने की यह घटना हुई। बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और 'केन' के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया। घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया।

इस घटना के कुछ देर बाद, पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली 'केन' लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया।

दर्शक दीर्घा से कूदने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी.के रूप में हुई है। संसद भवन के बाहर से गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की निवासी नीलम और लातूर (महाराष्ट्र) के निवासी अमोल शिंदे के रूप में हुई है।

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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