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VB-G RAM G बिल पर देर रात तक चली चर्चा, विधेयक को स्थायी समिति के पेश भेजना चाहता है विपक्ष, आज भी होगी बहस

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मजबूती से इस बिल का बचाव करती रही। भाजपा सांसदों ने दावा किया कि देश को 2047 तक विकसित बनाने की दिशा में यह विधेयक एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने इस बिल को स्थायी समिति के पास भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बिल की व्यापक रूप से जांच करने की जरूरत है।

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संसद में वीबी जी राम जी बिल पर बुधवार को हुई चर्चा। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Debate on VB-G RAM G Bill: लोकसभा में बुधवार को विकसित भारत-G RAM G (ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन) संशोधन बिल पर करीब 14 घंटे हुई चर्चा। आधी रात तक हुई इस चर्चा के दौरान विपक्ष इस विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेजने की मांग करता रहा जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मजबूती से इस बिल का बचाव करती रही। भाजपा सांसदों ने दावा किया कि देश को 2047 तक विकसित बनाने की दिशा में यह विधेयक एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस सांसद के सुरेश ने इस बिल को स्थायी समिति के पास भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बिल की व्यापक रूप से जांच करने की जरूरत है और जिस तरह से इस संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई है, वह खुद इस बिल की अहमियत दर्शाता है।

बिल के खिलाफ आज ‘इंडिया’ गठबंधन का संसद में प्रदर्शन

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कई घटक दल ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक’ के खिलाफ बृहस्पतिवार सुबह संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तावित कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा। सूत्रों ने बताया कि सुबह 10.15 बजे संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए नारेबाजी करेंगे।

खरगे ने ली बैठक

विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में विपक्षी दलों की बैठक में लिया गया। बैठक में कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, शिवसेना (उबाठा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद सहित अन्य नेता उपस्थित थे। तृणमूल कांग्रेस इस बैठक से दूर रही।

भाजपा सांसद पाल ने विधेयक का बचाव किया

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, 'आज पेश किया गया ‘विकसित भारत– जी राम जी संशोधन विधेयक’ प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विचार को धरातल पर उतारता है। यह विधेयक सुनिश्चित करता है कि गांवों में रहने वाले गरीब लोगों को पूरे साल रोजगार मिले। मनरेगा ने 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया था, लेकिन वीबी–जी राम जी विधेयक 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करता है। वर्ष 1970 के बाद यह पहली बार है जब सदन में 14 घंटे से अधिक चर्चा हुई है। स्पीकर ने सभी को बोलने का मौका दिया…”

नरेगा भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा केंद्र-निशिकांत

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, 'संविधान के अनुच्छेद 49 और 51(ए), जो इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का आधार बने, साफ तौर पर कहते हैं कि राष्ट्रपति, राष्ट्रपिता और अन्य महान व्यक्तियों के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। क्या आपने कभी राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के नाम पर कोई योजना देखी है? राष्ट्रपिता के नाम पर कोई योजना कैसे हो सकती है? नरेगा भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा केंद्र है। कांग्रेस घबराई हुई है क्योंकि वह महात्मा गांधी के नाम पर पैसा नहीं कमा पाएगी।'

जल्दबाजी में बिल पारित करना चाहती है सरकार-प्रणीति

कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कहा, 'चर्चा अभी भी जारी है, चर्चा का समय भी बढ़ाया गया है। वे शायद इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित करना चाहते हैं। कांग्रेस नाम बदलने का पूरी तरह विरोध कर रही है। इन्होंने ही महात्मा गांधी की हत्या की थी और अब उनका नाम मिटाना चाहते हैं। ये देश का इतिहास बदलना चाहते हैं। इस विधेयक को कमजोर किया गया है।' कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा, 'सरकार नरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहती है, लेकिन मैंने सदन को बताया कि यह नाम उन्हें उनके माता-पिता ने नहीं दिया था। ‘महात्मा’ शब्द और ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि उन्हें देश की जनता ने दी है। कुछ व्यक्तियों के नाम कुछ सिद्धांतों और मूल्यों से जुड़े होते हैं।'

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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