Bill against Paper leak: पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने वाले नए बिल को कैबिनेट ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। सूत्रों के मुताबिक पेपर लीक संशोधन बिल में दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए सरकार ने इस बिल में सजा के कड़े प्रावधान किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कानून में बदलावों के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए जेल की सजा और जुर्माने की रकम, दोनों बढ़ाई गई है। पेपर लीक में शामिल लोगों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
अभी होती है 3 से 5 साल की जेल
अभी पेपर लीक के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। मौजूदा कानून के तहत अगर सर्विस प्रोवाइडर किसी संभावित अपराध की जानकारी नहीं देते हैं, तो उन पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।
सरकार के साथ हुई बैठक
कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को बातचीत हुई। केंदीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीजेपी ने सरकार के सामने 3 मांगें रखी थीं। उन्होंने कहा कि अगर हमे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र होगा।
सरकार ने तीन में से दो मांगें मानी-सीजेपी
आशुतोष ने कहा कि हमने सरकार से कहा कि अगर समाधान नहीं निकाला गया तो हमें एक और नेशनल कॉल देना होगा। अब यह सरकार के ऊपर है। वहीं, सरकार ने कल दोपहर तक का समय मांगा है। वहीं, सौरव ने कहा कि सरकार ने सीजेपी की 3 में से 2 मांगें मांग ली है। मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और किसी प्रदर्शनकारी पर एफआईआर दर्ज नहीं होंगे।
कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई बैठक
बातचीत के बाद मीडिया हालांकि, सीजेपी प्रवक्ता ने शर्त रखते हुए कहा थाकि हम किसी भी नेता के दफ्तर या घर पर मीटिंग नहीं करेंगे। या तो नेता जंतर-मंतर आएं या फिर किसी कॉमन प्लेस पर मीटिंग हो सकती है, जैसे कि कांस्टीट्यूशन क्लब। इसके बाद सरकार ने कांस्टीट्यूशन क्लब की जगह तय की।
