सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा की गई मांग के बाद चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग की सीसीटीवी फुटेज साझा करने में गोपनीयता और कानूनी मुद्दों का हवाला दिया। चुनाव आयोग की ओर से यह खंडन राहुल गांधी द्वारा बार-बार किए गए इस दावे के बीच आया है कि पिछले साल महाराष्ट्र चुनाव में धांधली हुई थी, जिसे भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने जीता था।
चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा, 'फुटेज को साझा करने से, जिससे किसी भी समूह या व्यक्ति द्वारा मतदाताओं की पहचान करना आसान हो जाएगा, वोट देने वाले मतदाता और वोट न देने वाले मतदाता, दोनों ही असामाजिक तत्वों द्वारा दबाव, भेदभाव और धमकी के प्रति संवेदनशील हो जाएंगे।'
चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसा करना जनप्रतिनिधित्व कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, 'मतदान केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करना,जनप्रतिनिधित्व कानून और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन होगा।'
गौर हो कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इलेक्ट्रॉनिक डेटा से संबंधित चुनाव आयोग के निर्देश का हवाला देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि साफ दिख रहा है कि 'मैच फिक्स' है। उन्होंने आरोप लगाया कि साफ दिख रहा है- मैच फिक्स है और फिक्स किया गया चुनाव, लोकतंत्र के लिए जहर है।
