Praveen Khandelwal : कश्मीर के 'चुराए' हुए हिस्से पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान ने पाकिस्तान में खलबली तो मचाई ही है, भारत में भी कुछ नेता सियासी बयान दे रहे हैं। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उमर का बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पसंद नहीं आया और भगवा पार्टी ने उन्हें संभलकर बोलने की नसीहत दे दी। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर संवेदनशील मसला है और किसी भी मुख्यमंत्री को इस पर बहुत सोच-समझकर और संभलकर बोलना चाहिए।
पूरी दुनिया जानती है PoK भारत का हिस्सा है-खंडेलवाल
खंडेलवाल ने कहा कि पूरी दुनिया जनाती है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कहा है कि पीओके भारत का हिस्सा है और इसे अखंड भारत का हिस्सा बनाने के लिए वह काम करते आ रहे हैं। इस मामले में बयान देकर उमर अब्दुल्ला बेवजह बयान देकर विवाद खड़ा करना चाहते हैं। कश्मीर संवेदनशील मुद्दा है। मुख्यमंत्री चाहे किसी भी राज्य का हो, कश्मीर पर बहुत सोच-समझकर बात करनी चाहिए।
उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा
उमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह भाजपा नीत सरकार के आभारी होंगे यदि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के साथ-साथ चीन के अवैध कब्जे वाले केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के हिस्से को भी वापस ले ले। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) पर जम्मू-कश्मीर के अंतिम शासक महाराजा हरि सिंह का अपमान करने का आरोप लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की कड़ी आलोचना की और उन्हें चुनौती दी कि वे एक भी ऐसा उदाहरण बताएं जब सत्तारूढ़ पार्टी या किसी अन्य कश्मीर-आधारित पार्टी ने डोगरा शासक का अपमान किया हो। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुस्लिम बहुल राज्य का विघटन कर उसका दर्जा घटाया है।
लंदन के चैथम हाउस में कश्मीर पर बोले विदेश मंत्री
मुख्यमंत्री ने यहां विधानसभा में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा समाप्त करते हुए कहा, 'विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) कह रहे हैं कि हम जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से को वापस लेंगे जो पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्हें किसने रोका है? क्या हमने कभी कहा है कि इसे वापस मत लो?' जयशंकर ने बुधवार को लंदन में विचार मंच ‘चैथम हाउस’ के एक सत्र में कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान 'पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के चुराए गए हिस्से की वापसी' के बाद होगा।
