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तहव्वुर राणा को बड़ा झटका, US सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की प्रत्यर्पण रोकने की अर्जी, बीमारी को बनाया है बहाना

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान इस कदम को मंजूरी दिए जाने के कुछ सप्ताह बाद दी गई है।

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की याचिका की खारिज

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Tahawwur Rana: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी है। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश एलेना कागन द्वारा तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर स्थगन देने से इनकार करने के बाद, उसके वकील ने कागन को पहले से भेजे गए आपातकालीन आवेदन को नवीनीकृत किया, जिसमें अनुरोध किया गया कि नवीनीकृत आवेदन को अमेरिका की शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए।

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक 63 वर्षीय तहव्वुर राणा वर्तमान में लॉस एंजिल्स की एक जेल में बंद हैं। उसे लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी डेविड हेडली से जुड़े होने के लिए जाना जाता है, जो 2008 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है, जिसमें 175 लोग मारे गए थे। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने आपातकालीन आवेदन में तहव्वुर राणा ने दावा किया था कि यदि उसे प्रत्यर्पित किया गया तो भारत में उसे प्रताड़ित किया जाएगा, क्योंकि वह पाकिस्तानी मूल का मुसलमान है।

राणा ने 13 नवंबर, 2024 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका

बता दें, मुंबई 26/11 हमले का आरोपी तहव्वुर राणा भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए कोशिश कर रहा था। उसके वकील जोशुआ एल. ड्रेटल ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अपील में तर्क दिया गया है कि प्रत्यर्पण दोहरे खतरे के सिद्धांत का उल्लंघन होगा, जो एक ही अपराध के लिए दो बार मुकदमा चलाने से बचाता है। लंबी कानूनी लड़ाई हारने के बाद, राणा ने 13 नवंबर को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिक दायर की थी। अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल एलिजाबेथ बी प्रीलोगर ने 16 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट से राणा की याचिका को खारिज करने की अपील भी की थी।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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