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'देश में बढ़ रहीं तेल की कीमतें...', US-ईरान युद्ध पर क्या बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

Iran US Conflict: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मौजूदा वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका असर उन देशों पर भी पड़ता है, जो सीधे तौर पर इनमें शामिल नहीं हैं।

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संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)

Iran US Conflict: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि दुनिया के पास ऐसा कोई मार्गदर्शक सिद्धांत नहीं है, जो मानव जीवन के कई आयामों में एक साथ प्रगति सुनिश्चित कर सके। भागवत ने कहा कि वैश्विक व्यवस्थाएं व्यक्तिगत कल्याण, सामाजिक हितों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने को लेकर अब भी दुविधा में फंसी हुई हैं।

नागपुर में आरएसएस के स्वयंसेवी प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए भगवत ने कहा कि दुनिया मानव शरीर, मन और बुद्धि का अलग-अलग विकास करना जानती है, लेकिन वह एक ऐसा ढांचा विकसित करने में विफल रही है, जो इन तीनों का एक साथ विकास कर सके। उन्होंने कहा, "दुनिया मानव शरीर के विकास के साथ-साथ मन और बुद्धि के विकास को भी जानती है। लेकिन दुनिया यह नहीं जानती कि इन तीनों मोर्चों पर प्रगति कैसे हासिल की जाए।"

ईरान-US युद्ध पर क्या बोले संघ प्रमुख?

मौजूदा वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि इनका असर उन देशों पर भी पड़ता है, जो सीधे तौर पर इनमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, "ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है, लेकिन भारत में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।" आरएसएस प्रमुख ने कहा कि लोग अक्सर चुनौतियों और अनिश्चितताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन उन्हें ऐसी कठिन परिस्थितियों में मौजूद अवसरों को भी पहचानना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया व्यक्तिगत अधिकारों, सामाजिक हितों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर अब भी दुविधाओं में फंसी हुई है।

भागवत ने कहा, "किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत अधिकार देने से समाज के हित से समझौता होता है। यदि समाज को शक्तियां दी जानी आवश्यक हों, तो व्यक्ति के अधिकारों का दमन होता है।" संघ प्रमुख ने पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भौतिक विकास अक्सर प्रकृति की कीमत पर किया जाता है, जबकि पर्यावरण संरक्षण को अक्सर विकास में बाधा के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा, "भौतिकवादी विकास के लिए पर्यावरण का शोषण किया जाता है। और पर्यावरण की रक्षा के लिए (कुछ लोग मांग करते हैं कि) विकास रोक दिया जाए। दुनिया इस तरह के मुद्दों में फंसी हुई है और भ्रमित है।"

भागवत ने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई सिद्धांत नहीं है, जो एक साथ सुख, शांति और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित कर सके। उन्होंने कहा कि सिद्धांतों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों में समाधान मौजूद हो सकते हैं, लेकिन मानवीय आदतों और सीमाओं के कारण उनका कार्यान्वयन कठिन बना रहता है। भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि प्रभावी कार्रवाई के लिए शरीर, मन और बुद्धि के बीच समन्वय आवश्यक है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अब भारत का समय आ गया है, क्योंकि दुनिया संघर्ष-आधारित और स्वार्थी विकास मॉडल के विकल्प तलाश रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत ऐतिहासिक रूप से ज्ञान, विज्ञान और आर्थिक शक्ति में दुनिया का नेतृत्व करता रहा है और वर्तमान ज्ञान की कई बुनियादें इसी देश से जुड़ी हुई हैं। भागवत ने कहा कि समय के साथ भुला दिए गए मूल्यों और शक्तियों को पुनः प्राप्त किया जाना चाहिए। उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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