देश

सोशल मीडिया पर छाईं Gen Z युवाओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़ीं 'सर्वाइवल टिप्स', ऑफलाइन मैप्स से लेकर आंसू गैस से बचने के जुगाड़

इंटरनेट शटडाउन के कारण कई बार फंस चुके एक सोशल मीडिया यूजर ने प्रदर्शनकारियों को सलाह दी कि वे धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड कर लें। इसके अलावा यूजर ने कई सुझाव भी दिए।

Image

जंतर मंतर पर प्रदर्शन

Photo : PTI

Gen Z Protest Survival Tips: जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच आंदोलनकारियों' और पुलिस के बीच जारी झड़पों के बीच, इंटरनेट ब्लैकआउट से निपटने और आंसू गैस के असर को कम करने के कई देसी और तकनीकी जुगाड़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस के साथ लगातार हो रहे टकराव के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए ऑफलाइन मैप डाउनलोड करने से लेकर आंसू गैस के तोड़ तक, कई तरह के सुझाव साझा किए जा रहे हैं।

इंटरनेट बंद होने पर काम आएंगे ये टेक-हैक

इंटरनेट शटडाउन के कारण कई बार फंस चुके एक सोशल मीडिया यूजर ने प्रदर्शनकारियों को सलाह दी कि वे धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड कर लें। इसके अलावा यूजर ने कई सुझाव भी दिए।

ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग ऐप्स: ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल करें जो बिना मोबाइल डेटा या वाई-फाई के काम करते हैं।

लोकल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs): मोबाइल में ऐसे एआई मॉडल्स इंस्टॉल करें जो क्लाउड के बजाय सीधे डिवाइस पर चलते हैं, ताकि इंटरनेट न होने पर भी जानकारी मिल सके।

LoRa (लो-रेंज) कम्युनिकेशन डिवाइसेज: मोबाइल नेटवर्क ठप होने पर लंबी दूरी तक एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए इन उपकरणों को खरीदने की सलाह दी गई है।

आपातकालीन संपर्क: प्रदर्शन स्थल के पास रहने वाले कम से कम पांच लोगों के मोबाइल नंबर सुरक्षित रखने को कहा गया है।

आंसू गैस और पुलिस की लाठियों से बचने के घरेलू उपाय, सोशल मीडिया पर आंसू गैस के प्रभाव को कम करने के तरीकों की भी काफी चर्चा है।

एंटासिड का घोल: एक महिला यूजर ने बताया कि आंसू गैस के कारण आंखों में होने वाली जलन को कम करने के लिए पानी और डाइजीन (Digene) या मैलोक्स (Maalox) जैसे एंटासिड का बराबर मात्रा में मिश्रण बनाकर साथ रखें। उनके एक दोस्त को प्रदर्शन के दौरान इससे काफी मदद मिली थी।

सुरक्षा गियर: एक अन्य प्रदर्शनकारी ने धुएं और गैस से बचने के लिए पेंटर मास्क (या डस्ट मास्क) और प्रोटेक्टिव गॉगल्स (चश्मा) साथ रखने की बात स्वीकार की।

लाठीचार्ज से बचाव: पुलिस के डंडों के वार से बचने के लिए एक प्रदर्शनकारी ने अनोखा तरीका अपनाया। उसने अपनी जींस के अंदर पीछे और कूल्हे के हिस्से में थर्मोकोल की शीट रख ली ताकि लाठी का असर कम हो।

अतिरिक्त कपड़े और हेलमेट: उसी प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसने अपने पास एक अतिरिक्त शर्ट और महिला प्रदर्शनकारियों के लिए एक कुर्ता रखा था, ताकि झड़प में कपड़े फटने पर काम आ सके। साथ ही वह अपने साथ दो हेलमेट भी लाया था—एक खुद के लिए और दूसरा किसी जरूरतमंद के लिए।

NEET विवाद को लेकर बढ़ा तनाव

यह ट्रेंड दिखाता है कि प्रदर्शनकारी अब तकनीकी और क्राउडसोर्स (आपसी सहयोग से मिली) सलाह पर काफी निर्भर हो रहे हैं। बता दें कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। इनमें से एक महिला छात्र की हालत गंभीर होने पर उसे राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आह्वान पर इकट्ठा हुए ये छात्र NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article