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...तो इस वजह से Odisha Train Tragedy बन गया बड़ा भयावह ट्रेन हादसा, समझिए

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jun 4, 2023, 03:16 PM IST

Odisha Train Tragedy Latest Update in Hindi: इस बीच, रविवार (चार जून, 2023) को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और उन्हें हादसे के बाद की स्थिति, खासकर घायल यात्रियों के उपचार के बारे में जानकारी दी। पटनायक ने पीएम से कहा कि डॉक्टर, चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्र और अन्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।

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ओडिशा में हुए इस हादसे में कम से कम 288 लोगों की जान गई है।

Photo : AP

Odisha Train Tragedy Latest Update in Hindi: ओडिशा में हुई रेल त्रासदी में रविवार (चार जून, 2023) तक कम से कम 288 लोगों की जान जा चुकी थी। यह इतनी बड़ी और भयावह दुर्घटना इसलिए बनी क्योंकि हादसे का शिकार सबसे बुरी तरह कोरोमंडल एक्सप्रेस हुई थी। रेलवे बोर्ड में ऑपरेशन और बिजनेस डेवलपमेंट की सदस्य जय वर्मा सिन्हा ने रविवार (चार जून, 2023) को पत्रकारों को बताया- मालगाड़ी बेपटरी नहीं हुई थी। चूंकि, गुड्स वाली ट्रेन में आइरन ओर (लोहा) था, लिहाजा नुकसान का अधिकतम असर कोरोमंडल एक्सप्रेस पर हुआ। यही वजह है कि अधिक संख्या में लोगों की मौतें हुईं और वे चोटिल हुए।

उन्होंने आगे कहा, "बेपटरी हुई कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियां डाउन लाइन पर आ गई थीं, जिसके बाद वे यशवंतपुर एक्सप्रेस की आखिरी की दो बोगियों से टकरा गई थीं, जो कि उस समय वहां से 126 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर (डाउन लाइन से) रही थी।" दरअसल, ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार (दो जून, 2023) की शाम लगभग सात बजे हुए भीषण रेल हादसे में कम से कम 288 लोगों की मौत (रविवार सुबह तक के डेटा के मुताबिक) हो गई।

वैसे, इससे पहले दुर्घटनास्थल पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि बालासोर जिले में ट्रेन हादसे की असल वजह की पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि हादसे की वजह रेलवे सिग्नल के लिए अहम ‘प्वाइंट मशीन’ और ‘इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग’ प्रणाली से जुड़ी है। 'इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग' में किए गए बदलाव की पहचान कर ली गई है जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने इस घटना का ‘कवच’ प्रणाली से कोई संबंध होने से इनकार किया। रेलवे अपने नेटवर्क में ‘कवच’ प्रणाली उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में है, ताकि रेलगाड़ियों के आपस में टकराने से होने वाले हादसों को रोका जा सके। उनके मुताबिक, प्रभावित पटरियों की सामान्य सेवाओं के लिए बुधवार (सात जून, 2023) तक मरम्मत किए जाने की उम्मीद है।

बालासोर में बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार (दो जून, 2023) शाम करीब सात बजे कोरोमंडल एक्सप्रेस मुख्य लाइन के बजाय लूप लाइन में प्रवेश करने के बाद वहां खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे की चपेट में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी आ गई थी। इस दुर्घटना में कम से कम 288 लोगों की मौत हुई है और 1,100 से अधिक लोग घायल हुए। रेल मंत्री ने कहा, ‘‘दुर्घटना की जांच पूरी कर ली गई है और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) जैसे ही अपनी रिपोर्ट देंगे तो सभी जानकारियां पता चलेंगी। भीषण घटना की असल वजह की पहचान कर ली गई है...मैं इस पर विस्तार से बात नहीं करना चाहता। रिपोर्ट आने दीजिए। मैं सिर्फ यह कहूंगा कि असल वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली गई है।’’ (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

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