राजनीति में जितना असर शब्द करते हैं उतना ही असर नेताओं की वेशभूषा, भावभंगिमा भी करती है। भारत जोड़ो यात्रा(bharat jodo yatra in punjab) इस समय पंजाब से गुजर रही है। राहुल गांधी अलग रंग में नजर आ रहे हैं। चेहरे पर दाढ़ी और सिर पर पगड़ी के जरिए वो पंजाब को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं वो यहां के वाशिंदों की ही तरह हैं। फतेहगढ़ साहिब में उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद वो लोगों से रूबरू हुए और बताया कि उनकी यात्रा का मकसद क्या है। राहुल गांधी(Rahul Gandhi in punjab) ने कहा कि उनकी सोच है कि इस यात्रा के जरिए देश के सामने देश की बड़ी समस्याओं को लोगों के बीच रखा जाए। नफरत, हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर बातचीत की जरूरत है। लोगों को समझाने की जरूरत है कि सरकार सिर्फ विकास का एक ही पक्ष ना दिखाए। दूसरा पक्ष भी जनता के बीच रखने की आवश्यकता है।
यात्रा का मकसद सिर्फ सुनना
राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा के दौरान वो लंबे भाषणों पर जोर नहीं देते। यह यात्रा बोलने से अधिक सुनने पर केंद्रित है, वो और उनकी टोली सुबह 6 बजे जागती है, 25 किमी की दरी तय करती है। करीब 6 से सात घंटे लोगों की बातों को सुनते हैं और उनके विचारों को हम 10 से 15 मिनट में समेट कर लोगों के बीच रखते हैं। इस यात्रा की आत्मा ही सुनना है।
राहुल गांधी ने कहा कि वो नकारात्मक राजनीति की जगह सकारात्मक राजनीति में भरोसा करते हैं। अगर आप मौजूदा सरकार को देंखे तो इनका एजेंडा क्या है। कुछ खास लोगों को मदद पहुंचाने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। किसान जब अपनी बात कहते हैं तो उनके साथ आतंकियों जैसा सलूक किया जाता है। आम व्यापारियों की किसी को सुध नहीं है। विपक्ष जब अपने तरीके से मुद्दों को सामने रखता है तो आवाज दबाने की कोशिश होती है। लेकिन हमारा नजरिया साफ है कि हम क्या करने वाले हैं।
