No-Trust Motion: संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पहले दो दिन जोरदार बहस को देखने को मिली। दूसरे दिन राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जबरदस्त हमला बोला। उन्होंने खास तौर पर मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। राहुल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या हुई है, भारत माता की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अब तक मणिपुर नहीं गए न ही इस पर अब तक कोई बयान दिया। बहाली के बाद संसद पहुंचे राहुल पूरे फॉर्म में थे और उनके धारदार भाषण को विपक्ष की खूब तालियां मिलीं।
राहुल के वार पर शाह का पलटवार
इसके बाद बारी आई गृह मंत्री अमित शाह की जिन्होंने कांग्रेस और विपक्ष को आड़े हाथों लिए। उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से बताया कि क्यों मणिपुर में ऐसे हालात बने और सीएम पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस घटना का राजनीतिकरण करने के लिए भी उन्होंने विपक्ष की आलोचना की। खास पर अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरते हुए उन्हें एक नाकाम नेता बताया। शाह ने ऐतिहासिक रूप से अब तक का सबसे लंबा 2 घंटे से अधिक का भाषण दिया।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा पहुंचेंगे और अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देंगे। उम्मीद है कि वह मणिपुर हिंसा पर सरकार का पक्ष रखेंगे। आइए जानते हैं कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अब तक संसद में क्या-क्या हुआ है। एनडीए और इंडिया गठबंधन के पास कितने सांसदों की ताकत है और विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव लाने का मकसद क्या था।
अब तक की 10 बड़ी बातें
- पिछले दो दिनों में संसद में तीखी बहस हुई और विपक्ष ने सरकार पर मणिपुर में बड़ा विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। वहीं सरकार ने अपना बचाव करते हुए कहा कि वह हालात को सुधारने का काम कर रही है।
- कल संसद को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री अब तक मणिपुर क्यों नहीं गए। सत्ता पक्ष के जोरदार विरोध के बीच उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं गए क्योंकि वह इसे भारत का हिस्सा नहीं मानते। आपने (भाजपा) मणिपुर को विभाजित कर दिया है।
- लेकिन राहुल के भाषण के बाद एक विवाद भी उनके साथ जुड़ गया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित सत्ता पक्ष की महिला सांसदों ने आरोप लगाया कि राहुल ने सदन से निकलते समय उनकी ओर फ्लाइंग किस किया। इसके लेकर खासा विवाद हुआ और ईरानी सहित अन्य बीजेपी सांसदों ने राहुल को निशाने पर लिया।
- जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोविड और नशीली दवाओं के खतरे से लड़ने के मामले में केंद्र का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने मणिपुर हिंसा का समाधान करने में सरकार के प्रयासों को भी सामने रखा और आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव लोगों को गुमराह करने के लिए लाया गया है। शाह ने करीब ढाई घंटे तक भाषण दिया।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुष्टि की है कि अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री गुरुवार को लोकसभा में मौजूद रहेंगे। विपक्ष प्रधानमंत्री से मणिपुर मुद्दे पर संसद में बोलने की मांग कर रहा था।
- केंद्र ने पहले मानसून सत्र के आखिरी दिन 11 अगस्त को मणिपुर हिंसा से संबंधित चर्चा करने पर सहमति जताई थी। लेकिन सूत्रों के मुताबिक विपक्ष को ये तारीख मंजूर नहीं है।
- एनडीए के लोकसभा में 331 सदस्य हैं। निचले सदन में अकेले बीजेपी के पास 303 सांसद हैं जहां बहुमत का आंकड़ा 272 है।
- विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास 144 सांसद हैं और अगर वह बीआरएस के नौ वोट जीत लेता है तो उसकी संख्या 152 तक जा सकती है।
- इसके अलावा, वाईएस जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी और नवीन पटनायक की बीजेडी के पास कुल मिलाकर 70 सदस्य हैं। बीजेडी अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर रही है।
- विपक्ष मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ने कहा था कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर सदन को संबोधित नहीं करेंगे। विपक्ष का तर्क है कि अविश्वास प्रस्ताव उन्हें सरकार को घेरकर धारणा की लड़ाई जीतने में मदद करेगा और पीएम को संसद में बयान देने के लिए मजबूर करेगा।
लोकसभा में 27 बार अविश्वास प्रस्ताव
इससे पहले लोकसभा में 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन सभी या तो हार गए या बेनतीजा रहे। लेकिन विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान सरकारें कम से कम तीन बार गिरी हैं। इस बार आने वाला नतीजा स्पष्ट है। साफ तौर पर नजर आ रहा है कि सरकार पूरी तरह सुरक्षित है और विपक्ष का मकसद पीएम मोदी को सदन तक लाकर मणिपुर मुद्दे पर जवाब हासिल करना है।
