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गंगा नदी बेसिन के ऊपर किसी भी नयी जलविद्युत परियोजना की अनुमति न दी जाए: केंद्र ने न्यायालय से कहा

Supreme Court: भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि गंगा नदी प्रणाली पर इसके पारिस्थितिकीय, भूवैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष ध्यान दिए जाने’ की आवश्यकता है।

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गंगा नदी बेसिन के ऊपर किसी भी नयी जलविद्युत परियोजना की अनुमति न दी जाए: केंद्र ने न्यायालय से कहा

Ganga basin: हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि गंगा नदी के ऊपरी इलाकों में अब किसी भी नयी जलविद्युत परियोजना को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अलकनंदा और भागीरथी नदी घाटियों में पहले से जारी सात ऐसी परियोजनाओं को जारी रखा जा सकता है, बशर्ते वे पर्यावरण सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन करें।

केंद्र ने अदालत में दायर हलफनामे में निवेदन किया है कि सात परियोजनाओं - टिहरी चरण-2 (1,000 मेगावाट), तपोवन विष्णुगढ़ (520 मेगावाट), विष्णुगढ़ पिपलकोटी (444 मेगावाट), सिग्नोली भटवारी (99 मेगावाट), फाटा ब्यंग (76 मेगावाट), मदमहेश्वर (15 मेगावाट) और कालीगंगा को अनुमति दी जानी चाहिए।

भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि गंगा नदी प्रणाली पर इसके पारिस्थितिकीय, भूवैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण विशेष ध्यान दिए जाने’ की आवश्यकता है।

सिर्फ 7 परियोजनाओं को ही अनुमति दें- सरकार

हलफनामे में कहा गया, 'भारत सरकार की ओर से यह निवेदन किया जाता है कि केवल सात जलविद्युत परियोजनाओं को ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा सकती है, जिनमें से चार परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं और तीन परियोजनाओं में पर्याप्त भौतिक एवं वित्तीय प्रगति हो चुकी है।'

इसमें कहा गया, 'यह अनुमति इस शर्त पर दी जानी चाहिए कि सभी लागू वैधानिक प्रावधानों और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा उत्तराखंड में गंगा नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्रों में कोई अन्य जलविद्युत परियोजना शुरू न की जाए।' केंद्र ने शीर्ष अदालत को बताया कि नदी के स्वास्थ्य सहित पर्यावरण को होने वाला जोखिम या नुकसान, जलविद्युत के वित्तीय लाभों से कहीं अधिक है। ये दलीलें 2013 में केदारनाथ क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद गंगा के ऊपरी इलाकों में जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित कार्यवाही में प्रस्तुत की गईं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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