देश

संघर्षविराम नहीं, सिर्फ आत्मसमर्पण स्वीकार- नक्सलवाद पर अमित शाह का सख्त रुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को माओवादियों द्वारा दिए गए संघर्ष विराम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि अगर चरमपंथी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है और सुरक्षा बल उन पर एक भी गोली नहीं चलाएंगे।

Image

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो- @amitshah)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को माओवादियों द्वारा हाल ही में दिए गए संघर्षविराम प्रस्ताव को सख्ती से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि सरकार नक्सलवाद पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। शाह ने कहा कि यदि नक्सली हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है, लेकिन संघर्षविराम की कोई आवश्यकता नहीं है।

आत्मसमर्पण का रास्ता खुला

शाह ने कहा, “अगर आप आत्मसमर्पण करना चाहते हैं तो संघर्षविराम की जरूरत नहीं है। हथियार डाल दें, एक भी गोली नहीं चलेगी।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा और उनका “भव्य स्वागत” किया जाएगा।

‘नक्सल मुक्त भारत’ का संकल्प

गृहमंत्री ने यह बयान ‘नक्सल मुक्त भारत’ पर आयोजित संगोष्ठी के समापन सत्र में दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के पीछे विकास की कमी को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके विपरीत, “लाल आतंक” के कारण ही कई दशकों तक प्रभावित क्षेत्रों में विकास रुक गया।

वामपंथी दलों पर निशाना

शाह ने वामपंथी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने नक्सलवाद को वैचारिक आधार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल हत्याओं पर रोक लगा देने से नक्सलवाद खत्म नहीं होगा, क्योंकि इसकी जड़ें विचारधारा में हैं। उन्होंने कहा, “देश में नक्सल समस्या क्यों पैदा हुई और क्यों बढ़ी? इसका कारण यह है कि समाज के ही कुछ वर्गों ने उन्हें वैचारिक, कानूनी और वित्तीय समर्थन दिया। जब तक ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें बेनकाब नहीं किया जाएगा, तब तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी।”

ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के बाद प्रस्ताव

माओवादियों ने हाल ही में संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा था। यह पेशकश उस समय आई जब सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ चलाकर कई शीर्ष नक्सलियों को ढेर किया था। शाह ने इसे नक्सलियों की रणनीतिक चाल बताते हुए खारिज कर दिया।

2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का दावा

गृहमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल और सरकार इस दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठा रही है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article