Prashant Kishor : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने चुनाव में अपनी पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए लोगों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि 'हमने प्रयास किया लेकिन उसमें बिल्कुल सफलता नहीं मिली। हमलोगों के प्रयास में जरूर लिख गलती हुई होगी। इस हार की जिम्मेदारी मेरी है, मैं हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। हमलोग आगे प्रयास जारी रखेंगे। प्रायश्चित के तौर पर मैं 20 नवंबर को चंपारण के भीतिहरवा गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन उपवास रखूंगा। नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए पीके ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले महिलाओं को यदि 10 हजार रुपए यदि नहीं मिले होते तो जद-यू को 25 सीटें भी नहीं मिलतीं। बिहार चुनाव में जनसुराज को एक भी सीट नहीं मिली है।
6 महीने में 2 लाख रुपए देकर दिखाएं नीतीश-पीके
पीके ने कहा, 'आप ये समझ रहे हैं की मैं बिहार छोड़ दूंगा ये आपका भ्रम है। आपने तीन साल से जितनी मेहनत करते देखा है उससे दोगुनी मेहनत करूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं। बिहार के लोगों ने दस हजार रुपये के लिए वोट नहीं बेचा। सरकार से कहना है आपने महिलाओं को दो लाख देने का वादा किया है अब आप सरकार में आ गए हैं, इसलिए छह महीने में दो लाख महिलाओं को यह रकम दीजिये। नीतीश कुमार छह महीने में महिलाओं को दो-दो लाख रुपए दे दें तो मैं मान लूंगा की दस हजार रुपए वोट खरीदने के लिए नहीं दिया, और मैं राजनीति छोड़ दूंगा।'
पीके ने एक मोबाइल नम्बर जारी करते हुए कहा कि जिन महिलाओं को छह महीने में दो-दो लाख रुपए नहीं मिले, वे इस नम्बर पर फोन करें, जनसुराज उनके लिए संघर्ष करेगा।
'बिहार के विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे'
जनसुराज के मुखिया ने आगे कहा कि वह बिहार और बिहार के विकास के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, 'हम और मेहनत करेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। जब तक हम बिहार को बदलने का अपना वादा पूरा नहीं कर लेते, तब तक हमारा काम जारी रहेगा। राजनीति में आने से हमने कोई अपराध नहीं किया है। हमने जाति-धर्म की राजनीति नहीं की। हमने बिहार के लोगों को वोट के लिए पैसे नहीं दिए। मैं लोगों का विश्वास जीतने में सक्षम नहीं हो पाया। हम इस हार की समीक्षा करेंगे। मैं सत्ता में आए लोगों को बधाई देना चाहता हूं। अब नीतीश और बीजेपी पर यह जिम्मेदारी है कि वे नौकरी की गारंटी, बिहार में पलायन रोकने जैसे अपने वादों को पूरा करें।'
मैं हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं-पीके
पीके ने कहा कि उनकी पार्टी को सिर्फ 3.5% वोट मिले, लेकिन आप सभी यहां आए हैं, इससे पता चलता है कि हमने कुछ तो किया है। हम 3.5 साल पहले बिहार आए थे, जमीन पर काम किया, लेकिन हमें सफलता नहीं मिली। हम जीत नहीं पाए, लेकिन हम बिहार की राजनीति में कुछ बदलाव लाने में सफल रहे। शायद हममें ही कुछ कमियां रही हों कि लोगों ने हमें नहीं चुना। मैं हार की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।'
