जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर के महानद्दा में 4,250 करोड़ रुपए की लागत से 174 किलोमीटर लंबाई वाली 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, कई सांसद-विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इन परियोजनाओं में खास तौर पर जबलपुर शहर के दमोह नाका से मेडिकल रोड तक 7 किमी लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर शामिल है। इसके पूरा होने पर शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी, ईंधन व समय की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। इसी तरह नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के हिस्से में चार लेन चौड़ीकरण, कटनी बाईपास का विस्तार और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
इन कदमों से रीवा और कटनी बाईपास के चौड़ीकरण के बाद वाराणसी से नागपुर के बीच अबाधित चार लेन कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रिंग रोड और बाईपास बनने से भारी वाहनों का दबाव शहर से हटेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके साथ ही भोपाल-जबलपुर और रीवा-जबलपुर मार्ग पर करीब 20 मिनट का यात्रा समय घटेगा।
परियोजनाओं का प्रभाव केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बल मिलेगा। कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यानों तक आसान पहुंच से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। साथ ही, नौरादेही वन क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीव संरक्षण पर भी विशेष ध्यान रखा गया है।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य की बड़ी घोषणाएं भी की। उन्होंने 15,000 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं का ऐलान किया, जिनमें 5,500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 'टाइगर कॉरिडोर' शामिल है। यह कॉरिडोर कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व को जोड़ेगा, जिससे पर्यटन और संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाईवे, लखनादौन-रायपुर हाईस्पीड कॉरिडोर और इंदौर-भोपाल मार्ग सहित कई अहम परियोजनाएं भी शुरू होंगी।
इन परियोजनाओं से न केवल जबलपुर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की सड़क व्यवस्था नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश, रोजगार और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास यात्रा को एक नई दिशा देने वाली साबित होगी।
