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पीसी सरकार या 'माइकल जैक्सन...' लोकसभा में राहुल के भाषण पर निशिकांत दुबे का तंज

Nishikant Dubey Mocks Rahul Gandhi:भाजपा सांसद ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘आज 17 अप्रैल है, इसलिए उनका पीसी सरकार और माइकल जैक्सन होना लाजिमी है।’

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राहुल गांधी और निशिकांत दुबे (फाइल फोटो)

Photo : ANI

Nishikant Dubey Mocks Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पीसी सरकार का ‘मैजिक शो’ या 'माइकल जैक्सन के डांस' जैसा था।

इन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे जब जातिगत जनगणना पर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान उनकी समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अखिलेश यादव के साथ उनकी नोकझोंक हुई।

इससे पहले, भाजपा सांसद ने कहा, 'मुझे लगा कि आज नेता प्रतिपक्ष से माताओं-बहनों के लिए कुछ सुनने के लिए मिलेगा, लेकिन उन्होंने जो भाषण दिया तो मुझे लगा कि मैंने पीसी सरकार का जादू (मैजिक) शो या माइकल जैक्सन का डांस देख लिया। मैं भ्रमित हूं कि वह पीसी सरकार थे या माइकल जैक्सन।'

17 अप्रैल 1987 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बोफोर्स की कमीशनखोरी का पहली बार आरोप लगा था

उन्होंने कहा, 'लेकिन मुझे फिर याद आया कि आज 17 अप्रैल है। 17 अप्रैल 1987 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बोफोर्स की कमीशनखोरी का पहली बार आरोप लगा था।' दुबे ने आरोप लगाया कि इसी दिन 1998 में सीताराम केसरी को हटाकर सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं तथा 17 अप्रैल 1999 को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को ‘‘क्रिश्चियन लॉबी के दबाव में गिरधर गमांग से वोट कराकर इस्तीफा दिलाया गया था।'

'इसलिए उनका पीसी सरकार और माइकल जैक्सन होना लाजिमी है'

भाजपा सांसद ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, 'आज 17 अप्रैल है, इसलिए उनका पीसी सरकार और माइकल जैक्सन होना लाजिमी है।'

उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण के लिए इस लोकसभा में कानून लाया गया तो सपा के अनुसूचित जाति के एक सांसद को पीटा गया था।

इस पर, अखिलेश यादव ने कहा कि सपा हमेशा से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है, जिसे वह दलीय आधार पर चाहती है। उन्होंने सवाल किया, 'आप बताएं कि करेंगे या नहीं और कब करेंगे? आप ओबीसी महिलाओं को शामिल करेंगे या नहीं?' संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए कहा, 'अभी चर्चा चल रही है आपको स्पष्टीकरण चाहिए तो गृह मंत्री जी का जब जवाब होगा उस समय मिल जाएगा।'

'एक निवेदन है कि बहुत ज्यादा इतिहास के पन्ने नहीं पलटें'

वहीं, सपा प्रमुख ने कहा, 'एक निवेदन है कि बहुत ज्यादा इतिहास के पन्ने नहीं पलटें।' इस पर, दुबे ने एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कि 'हमारे लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अगड़ा-पिछड़ा सब एक बराबर हैं।' इस बीच, अखिलेश ने कहा, 'मैंने उनका श्लोक सुना। मैं पूछना चाहता हूं कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र कन्नौज में एक मंदिर में गया था, उसे बाद में गंगाजल से धुलवाया गया था। क्यों धुलवाया गया?'

इसपर, दुबे ने कहा कि जिसने भी यह किया, गलत किया और वे अपराधी हैं तथा उन पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।सपा सदस्यों के शोरगुल के बीच दुबे ने नाराजगी जताते हुए कहा'मैं कान पकड़ कर भी माफी मांग लूंगा, लेकिन मैंने तो गंगा जल से नहीं धुलवाया है। मेरा इससे क्या संबंध है?' दुबे ने जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'सोनिया गांधी जी ने कहा था कि जातिगत जनगणना संविधान के दायरे में नहीं है, हम इसका विरोध करते हैं। पी. चिदंबरम ने कहा था कि यह देश को विभाजित करेगी।'

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2011 में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि जातिगत जनगणना 1931 से नहीं हुई है, किसी भी कीमत पर नहीं होगी तथा '(तत्कालीन प्रधानमंत्री) मनमोहन सिंह ने कहा था कि हमारी सरकार रहे या जाए हम नहीं करेंगे।' भाजपा सांसद ने कहा,'लेकिन गोपीनाथ मुंडे जी, लालू प्रसाद जी और नेताजी मुलायम सिंह यादव को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उनके प्रयास से तत्कालीन कांग्रेस सरकार को झुकना पड़ा, और जातिगत जनगणना हुई लेकिन कई गलतफहमियों के कारण आंकड़े अभी तक जारी नहीं हुए।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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