Reactions on Women Reservation Bill: महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' पारित नहीं हो पाया, पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दो विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते। इसके बाद इसे लेकर सांसदों का गुस्सा फूट पड़ा।
वोटिंग में विपक्ष को जीत मिली सरकार बिल के समर्थन में दो तिहाई वोट इकट्ठा नहीं कर पायी। एक बार फिर देश की संसद महिलाओं को आरक्षण की सौगात नहीं दे पायी।
इस तरह से 131वें संविधान संशोधन के समर्थन में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। कुल 528 सांसदों ने वोट दिया। इस संविधान संशोधन बिल के पक्ष और विपक्ष में कुल 528 वोट पड़े। इस रेशियो के हिसाब से सरकार को इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई वोट यानी 352 मत चाहिए थे।
लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद NDA की महिला सांसदों ने संसद परिसर में धरना दिया; उन्होंने 'महिलाओं का यह अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान' के नारे लगाए।
वहीं इसे लेकर तमाम सांसदों का गुस्सा फूटा है। BJP सांसद धर्मशीला गुप्ता कहती हैं, “आज राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने जो किया है, वह इस देश की महिलाओं का अपमान है। सदन में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था, और जिस तरह से विपक्ष ने बर्ताव किया, वह महिलाओं का अनादर करने जैसा है। इस देश की महिलाएं राहुल गांधी के नेतृत्व में किए गए इस अपमान को कभी माफ नहीं करेंगी।”
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, "...सारी बेटियों, महिलाओं का मनोबल गिरा दिया गया। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की उम्मीद किसी ने भी विपक्ष ने की थी..
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- "कांग्रेस के एंटी वूमेन अलायंस ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने का काम किया है...
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, "आज तो वचनपूर्ति का दिन था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करवाने का दिन था, ऐसा लगता है कि...
भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा, "इतना महत्वपूर्ण बिल पारित नहीं होने दिया। जो हुआ उससे हम बहुत दुखी हैं।"
केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा, "आज कांग्रेस और सभी विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया...
महिला आरक्षण विधेयक पर कल और आज दो दिन तक जमकर बहस हुई। सत्ता पक्ष की तरफ से संविधान संशोधन बिल के पक्ष में दलीलें दीं तो विपक्ष ने बिल की खामियां गिनाईं और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। आज यानी शुक्रवार 17 अप्रैल की शाम संविधान संशोधन बिल पर लोकसभा में वोटिंग हुई। इस वोटिंग में विपक्ष को जीत मिली और बिल गिर गया। इस तरह से एक बार फिर देश की संसद महिलाओं को आरक्षण की सौगात नहीं दे पायी।
