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खालिस्तानी आतंकी पन्नू पर एनआईए का बड़ा एक्शन, अमृतसर-चंडीगढ़ में सपत्तियां जब्त

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 23, 2023, 02:56 PM IST

Gurpatwant Singh Pannu: NIA की टीम चंडीगढ़ ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू घर व अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान एनआईए ने उसकी अमृतसर और चंडीगढ़ में संपतियों को जब्त कर लिया गया है।

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NIA ने पन्नू के घर के बाहर लगाया जब्ती का नोटिस

Photo : ANI

Gurpatwant Singh Pannu: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। जानकारी के मुताबिक, NIA की टीम चंडीगढ़ ने पन्नू के घर व अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान एनआईए ने उसकी अमृतसर और चंडीगढ़ में संपतियों को जब्त कर लिया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का तलाशी अभियान अब तक जारी है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, एनआईए अदालत के आदेश पर चंडीगढ़ में प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक और नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के स्वामित्व वाले घर के बाहर संपत्ति जब्ती का नोटिस चिपकाया गया है। इसके अलावा मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की संपत्तियों को भी एनआईए ने जब्त कर दिया है। एनआईए मोहाली कोर्ट के आदेश पर जालंधर जिले के भारसिंहपुरा गांव में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर के घर के बाहर संपत्ति जब्ती का नोटिस चिपकाया गया है।

सिख फॉर जस्टिस का सरगना है पन्नू

बता दें, खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस का चीफ है। वह कनाडा में बैठकर भारत विरोधी गतिविधयों को अंजाम देता है। भारत-कनाडा विवाद के बीच वह एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। उसने कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान का समर्थन किया है, साथ ही कनाडा में रह रही हिंदू आबादी को भी धमकी दी है और उन्हें कनाडो छोड़ने की चेतावनी जारी की है।

दो संपत्तियों को किया गया जब्त

एनआईएन ने पंजाब में पन्नू की दो संपत्तियों को जब्त किया है। इसमें अमृतसर जिले के बाहरी इलाके में खानकोट में 86 कनाल कृषि संपत्ति और चंडीगढ़ के सेक्टर 15 सी में उसका मकान शामिल है। बता दें, 2020 में भी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्तियां कुर्क कर ली गई थीं। जानकारी के मुताबिक, पन्नू इस समय अमेरिका में रह रहा है और वहीं से वीडियो जारी कर भारत सरकार के खिलाफ गतिविधयों को अंजाम देने का काम करता है।

हरदीप निज्जर ने दिया था भारत में हमले करने का आदेश

कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एनडीटीवी ने भारतीय अधिकारियों द्वारा तैयार दस्तावेजों के आधार पर अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि निज्जर ने भारत में आतंकी हमले करने का आदेश दिया था। उसने पंजाब में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए जगतार सिंह तारा के साथ योजना बनाई थी और और कनाडा में एक गिरोह खड़ा किया था। इतना ही नहीं इन दस्तावेजों में कहा गया है कि निज्जर ने कथित तौर पर 2014 में हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय पर एक आतंकी हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी, लेकिन वह भारत नहीं पहुंच सका। ऐसे में उसने अपने मॉड्यूल को पंजाब स्थित शिव सेना नेता निशांत शर्मा, पूर्व डीजीपी मोहम्मद इज़हार आलम और बाबा मान सिंह पिहोवा वाले को टारगेट करने का आदेश दिया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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