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SC पहुंचा संसद की नई इमारत पर तकरार का मसला, राष्ट्रपति से उद्घाटन के लिए PIL दायर

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 25, 2023, 01:31 PM IST

New Parliament Building row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को बनकर तैयार हुई संसद की नई इमारत का उद्घाटन करने वाले हैं। विपक्ष चाहता है कि नई इमारत का उद्घाटन पीएम नहीं बल्कि राष्ट्रपति करें। अपनी मांग को लेकर विपक्ष लामबंद है। कांग्रेस सहित विपक्ष के 20 दलों ने कहा है कि वे इस समारोह में शामिल नहीं होंगे।

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विपक्ष संसद की नई इमारत का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों कराना चाहता है।

Photo : PTI

New Parliament Building row: संसद की नई इमारत का उद्घाटन पर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष में मची तकरार अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। संसद की इस नई इमारत का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कराने के लिए शीर्ष अदालत में गुरुवार को एक जनहित याचिका (PIL) दायर हुई। इस जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि वह संसद की नई इमारत का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों कराने के लिए सरकार को निर्देश जारी करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को बनकर तैयार हुई संसद की नई इमारत का उद्घाटन करने वाले हैं। विपक्ष चाहता है कि नई इमारत का उद्घाटन पीएम नहीं बल्कि राष्ट्रपति करें। अपनी मांग को लेकर विपक्ष लामबंद है। कांग्रेस सहित विपक्ष के 20 दलों ने कहा है कि वे इस समारोह में शामिल नहीं होंगे।

भाजपा नेताओं के निशाने पर विपक्ष

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नई इमारत के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने पर विपक्ष भाजपा नेताओं के निशाने पर है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि 'कहा जा रहा है कि संसद की नई इमारत का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए। लेकिन यह मांग तब क्यों नहीं की गई जब इंदिरा गांधी ने पार्लियामेंट एनेक्सी का उद्घाटन किया?' केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 'वे (विपक्ष) जब मुझसे मिलते हैं तो कुछ और कहते हैं, और लोगों के सामने अपनी अलग राय रखते हैं। मुझे लता है कि वे कहीं विस्मरण के शिकार न हो जाएं।'

मोदी सरकार ने संसदीय प्रणाली को ‘ध्वस्त’किया-खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के ‘अहंकार’ ने संसदीय प्रणाली को ‘ध्वस्त’ कर दिया है। खरगे ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, संसद जनता द्वारा स्थापित लोकतंत्र का मंदिर है। राष्ट्रपति का पद संसद का प्रथम अंग है। आपकी सरकार के अहंकार ने संसदीय प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘140 करोड़ भारतीय जानना चाहते हैं कि भारत के राष्ट्रपति से संसद भवन के उद्घाटन का हक छीनकर आप क्या जताना चाहते हैं?’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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