भारत की मिसाइल पावर को एक नई ऊंचाई मिली है। डीआरडीओ ने अपनी सबसे आधुनिक न्यू जनरेशन बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि प्राइम का एक और सफल ट्रायल किया है। यह सफल फ्लाइट टेस्ट 7 जून को उड़ीसा के अब्दुल कलाम आईलैंड से डीआरडीओ ने किया। इस फ्लाइट टेस्ट के दौरान अग्नि प्राइम मिसाइल ने सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। अग्नि प्राइम मिसाइल का यह पहला प्री इंडक्शन नाइट लॉन्च था जिससे पहले इस मिसाइल को डीआरडीओ तीन अलग-अलग परीक्षणों के दौरान हर एक मापदंड पर परख चुका है।
2000 किमी तक है मिसाइल की रेंज
7 जून को हुए फ्लाइट टेस्ट के दौरान भारत की स्ट्रैटेजिक कमांड फोर्सेज के प्रतिनिधियों ने भी डीआरडीओ के इस टेस्ट में इस मिसाइल को परखा है। जिसका मतलब है कि अब जल्द ही अग्नि प्राइम मिसाइल को भारतीय स्ट्रैटेजिक कमांड में इंडक्ट किया जा सकता है। अग्नि-5 मिसाइल डीआरडीओ द्वारा निर्मित अग्नि क्लास मिसाइलों में से सबसे आधुनिक और नई मिसाइल है जिसकी रेंज 1000 से लेकर 2000 किलोमीटर तक है। अब्दुल कलाम आईलैंड पर हुए फ्लाइट टेस्ट के दौरान इस मिसाइल सिस्टम के सभी अलग-अलग हिस्सों को परखा गया और इस अग्नि प्राइम बैलेस्टिक मिसाइल ने सभी मापदंडों पर टारगेट को सही ढंग से इंगेज किया और पिन पॉइंट एक्यूरेसी के साथ पूर्ण किया।
अब तक की सबसे घातक मिसाइल
अलग-अलग लोकेशंस पर रडार, टेलिमेटरी, इलेक्ट्रो ऑप्टिक ऑप्टिकल सिस्टम के साथ-साथ दो लो रेंज शिप्स को भी डिप्लाई किया गया था ताकि वह इस मिसाइल की ट्रैजकट्री को सही ढंग से रिकॉर्ड कर सकें। इस टेस्ट के बाद डीआरडीओ और स्ट्रैटेजिक प्रोसेस कमांड ने देखा कि न्यू जेनरेशन बैलेस्टिक अग्नि प्राइम मिसाइल सभी मापदंडों पर खरी है और यह अब तक की सबसे घातक, तेज और सटीक वार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल फ्लाइट टेस्ट के बाद डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। इस सफल लांच की बहुत जल्द ही भारत की स्ट्रैटेजिक फोर्स अपनी सबसे ताकतवर अग्नि प्राइम मिसाइल को अपने मिसाइल आर्सेनल में शामिल कर लेंगी।
