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NEET Paper Leak: मास्टरमाइंड प्रोफेसर ने खोले ऐसे काले राज, CBI भी हैरान; NTA तक जुड़ रहे तार

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक केस में गिरफ्तार मास्टमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिसके तार NTA से भी जुड़ रहे हैं।

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नीट पेपर लीक का मास्टर माइंड पीवी कुलकर्णी

NEET Paper Leak: नीट- यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni) से पूछताछ में अहम खुलासे किए हैं। प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने ऐसे-ऐसे खुलासे किए हैं कि सीबीआई भी हैरान रह गई है। इन खुलासों के बाद CBI को प्रोफेसर PV कुलकर्णी के दो सहयोगियों की तलाश है।

छात्रों को नोट करवाए थे सवाल और जवाब

सूत्रों के मुताबिक PV कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ दो और लेक्चरर पेपर का पेपर लीक कराने में अहम रोल था। इन दो लेक्चरर की तलाश में सीबीआई पुणे और लातूर में छापे मार रही है। पुणे इंस्टिट्यूट में PV कुलकर्णी, मनीषा और ये दो साथी लेक्चरर ने स्टूडेंट्स को अलग-अलग सवाल और उनके करेक्ट जवाब नोटबुक में नोट करवाए थे।

अकाउंट तक पहुंची सीबीआई

अभी तक कि जांच में सामने आया है मनीषा का एक नया बैंक एनकाउंट खुलवाया गया था जिसमे स्टूडेंट्स से लाखों रुपए ट्रांसफर करवाए गए थे, इस एकाउंट को सीबीआई ने सीज किया है।

NTA से जुड़ रहे तार

रिपोर्ट्स के अनुसार PV कुलकर्णी के साथ NEET एग्जाम कराने में NTA के साथ ये दोनों लेक्चरर जुड़े थे। अधिकारियों के अनुसार, रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ और लातूर निवासी प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी कई वर्षों से नीट प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों से जुड़े रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय सामग्री तक विशेष पहुंच का फायदा उठाते हुए प्रोफेसर कुलकर्णी ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने घर पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं, जिनमें उन्होंने छात्रों को वे प्रश्न, विकल्प और उत्तर लिखवाए जो तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में पूछे गए थे। सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, ’’अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया था। मनीषा वाघमारे को सीबीआई ने 14 मई को गिरफ्तार किया था।’’

पेपर लीक का पूरा कनेक्शन

सीबीआई ने गुरुवार को अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे और पुणे से उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला कि लोखंडे को प्रश्नपत्र वाघमारे से मिला था। इसके बाद लोखंडे ने इसे नासिक निवासी शुभम खैरनार को दिया, जिसने आगे इसे यश यादव तक पहुंचाया और फिर यादव ने इसे अन्य लोगों में प्रसारित किया। सीबीआई ने जयपुर से मंगलीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा गुरुग्राम से यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को भी पकड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार, खैरनार ने अप्रैल में यादव को बताया था कि मंगलीलाल बिवाल अपने छोटे बेटे के लिए लीक हुए नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र की व्यवस्था कराने के बदले 10 से 12 लाख रुपये देने को तैयार है। उन्होंने बताया कि खैरनार ने कथित तौर पर यादव को 500 से 600 प्रश्न उपलब्ध कराए थे, ताकि अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिले लायक अंक सुनिश्चित किए जा सकें। अधिकारियों के मुताबिक, मंगलीलाल बिवाल ने कथित तौर पर यादव से प्रश्नपत्र हासिल किया। यादव, राजस्थान के सीकर में नीट कोचिंग के दौरान उसके बड़े बेटे विकास बिवाल का परिचित था। उन्होंने बताया कि मंगलीलाल बिवाल और यादव के बीच यह सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ था। मंगलीलाल ने यह प्रश्नपत्र अपने बेटे को दिया और बाद में इसे रिश्तेदारों में भी बांटा। अधिकारियों ने कहा कि यादव ने विकास बिवाल से यह भी कहा था कि वह नीट के और अभ्यर्थियों को ढूंढे ताकि प्रश्नपत्र बेचकर कुछ रकम वसूली जा सके।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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