NDA Govt Formation: एनडीए की बैठक में नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए एनडीए का संख्या पत्र सौंपा। आज संसद भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए की बैठक हुई जिसमें नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना गया। राजनाथ ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से मान लिया गया। यहां बीजेपी सहित एनडीए के घटक दलों के सभी सांसद पहुंचे थे।
मोदी ने संविधान को अपने माथे से लगा
इससे पहले पीएम मोदी जब पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बैठक के लिए पहुंचे तो उन्होंने भारत के संविधान को अपने माथे से लगा लिया। वहीं, पीएम मोदी के बैठते ही 'मोदी-मोदी' के नारे से पूरा हॉल गूंज उठा। इसके साथ ही गठबंधन दल के प्रमुख नेता पीएम मोदी के पक्ष में संबोधन के लिए आए और एक-एक कर पीएम मोदी के नेतृत्व को समर्थन की घोषणा की। वहीं, पीएम मोदी को संसदीय दल का नेता चुनने के लिए जदयू के समर्थन की घोषणा करने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार उनका पैर छूना चाह रहे थे। लेकिन, पीएम मोदी ने उन्हें ऐसा करने से रोका और उनके हाथ को अपने हाथ में थाम लिया।
कहा- 10 साल में भी 100 का आंकड़ा नहीं छू पाई कांग्रेस
अपने संबोधन में मोदी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा, 10 साल भी कांग्रेस 100 के आंकड़े को छू नहीं पाई। अगर मैं 2014, 2019 और 2024 को जोड़कर कहूं तो इन तीन चुनाव में उनको जितनी सीटें मिली हैं, उससे ज्यादा हमें इस चुनाव में मिली हैं। मैं साफ देख रहा हूं कि इंडी गठबंधन वालों को अंदाज नहीं है और वे अब तेज गति से गर्त में जाने वाले हैं।
एनडीए सत्ता प्राप्त करने का जमावड़ा नहीं
उन्होंने कहा, एनडीए सत्ता प्राप्त करने वाले दलों का जमावड़ा नहीं है। हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में और हिंदुस्तान की राजनीति के गठबंधन के इतिहास में प्री-पोल अलायंस इतना सफल कभी भी नहीं हुआ है, जितना कि एनडीए हुआ है। एनडीए के सत्ता प्राप्त करने का या सरकार चलाने का कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है। ये राष्ट्र प्रथम की मूल भावना से नेशन फर्स्ट के प्रति कमिटेड समूह है। एनडीए सरकार ने देश को गुड गवर्नेंस दिया है और एक प्रकार से एनडीए कहते ही गुड गवर्नेंस का पर्यायवाची बन जाता है। हम सबके केंद्र बिंदु में गरीब कल्याण और गुड गवर्नेंस सर्वोपरि रहा है।
