National Technology Day 2023: पीएम मोदी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2023 के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें 2047 के लिए एक स्पेशल लक्ष्य मिला है। हमें अपने देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की जरुरत है। चाहे वह देश की आर्थिक वृद्धि हो या सतत विकास का लक्ष्य हो या नवाचार (innovation) के लिए एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) बनाना हो, टैक्नोलॉजी हर कदम में महत्वपूर्ण है।
पोखरण परमाणु परीक्षण सबसे शानदार दिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पोखरण में 1998 के परमाणु परीक्षण को भारत के इतिहास के सबसे शानदार दिनों में से एक बताया और कहा कि देश के लिए टैक्नोलॉजी अपना दबदबा दिखाने के लिए नहीं बल्कि इसके विकास को गति देने के लिए एक उपकरण है। उन्होंने कहा कि पोखरण परीक्षण की वर्षगांठ का प्रतीक है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने टैक्नोलॉजी का उपयोग सशक्तिकरण के स्रोत के रूप में और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए किया है।
समावेशी एजेंट के रूप में टैक्नोलॉजी का उपयोग
उन्होंने कहा कि जेएएम ट्रिनिटी हो, कोविन पोर्टल हो या किसानों के लिए डिजिटल बाजार, उनकी सरकार ने टैक्नोलॉजी का उपयोग समावेशी एजेंट के रूप में किया है, उन्होंने कहा कि जन्म से ही जीवन के हर चरण में कुछ टैक्नोलॉजी समाधान उपलब्ध हैं।
साइंस और टैक्नोलॉजी से बड़े हुए बड़े बदलाव
प्रधान मंत्री ने कहा कि साइंस और टैक्नोलॉजी पर उनकी सरकार के जोर ने एक बड़े बदलाव की शुरुआत की है और उल्लेख किया है कि 10 साल पहले करीब 4,000 पेटेंट सालाना रजिस्टर्ड होते थे, लेकिन अब यह 30,000 से अधिक है। उन्होंने कहा कि सालाना 70,000 ट्रेड मार्क रजिस्टर्ड किए जाते थे, अब यह आंकड़ा 2.5 लाख से अधिक है। पीएम मोदी ने कहा कि आज, भारत हर उस दिशा में आगे बढ़ रहा है जो एक टैक्नोलॉजी लीडर देश के लिए आवश्यक है। 2014 में हमारे पास केवल 150 इन्क्यूबेशन सेंटर थे लेकिन अब यह 650 से अधिक हो गए हैं।
भारत की प्रगति को मिली नई गति
टैक्नोलॉजी और साइंस ने भारत की प्रगति को नई गति दी। पिछले 9 वर्षों से केंद्र सरकार, भारत को साइंस और टैक्नोलॉजी के पावर हाउस के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। यही वजह है कि आज 'वैज्ञानिक अनुसंधान' के क्षेत्र में देश विश्व के टॉप 5 देशों में एक है।
पीएम मोदी ने 5800 करोड़ रुपये से अधिक की कई वैज्ञानिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया।
