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​नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण पर सबकी नजर, महाराष्ट्र के इन नेताओं को मिल सकती है नई कैबिनेट में जगह

Narendra Modi Cabinet: सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र कोटे से बीजेपी के दो केंद्रीय मंत्री व दो राज्य मंत्री शपथ ले सकते हैं। इसमें पीयूष गोयल और नितिन गडकरी का नाम सबसे ऊपर हैं। दोनों नेताओं को एक बार फिर से कैबिनेट में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है।

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Narendra Modi

Photo : Twitter

Narendra Modi Cabinet: लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सबकी नजरें नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं। रविवार को शाम 7:15 बजे नरेंद्र मोदी अपने तीसरे टर्म की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी गई है। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच मोदी की नई कैबिनेट पर सबकी नजर है। सूत्रों की मानें तो नए मंत्रिमंडल में महाराष्ट्र कोटे से आठ मंत्रियों को जगह मिल सकती है, जिसमें सबसे ज्यादा मंत्री भारतीय जनता पार्टी के होंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र कोटे से बीजेपी के दो केंद्रीय मंत्री व दो राज्य मंत्री शपथ ले सकते हैं। इसमें पीयूष गोयल और नितिन गडकरी का नाम सबसे ऊपर हैं। दोनों नेताओं को एक बार फिर से कैबिनेट में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा एक मराठा चेहरे को भी मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है, जिसमें शिवाजी महाराज के वंशज उदयनराजे भासले का नाम ऊपर है। वहीं, एकनाथ खडसे की बहू रक्षा खडसे का नाम भी संभावित मंत्रियों की लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा बीजेपी कोटे से एक आदिवासी चेहरे हेमंत सावरा को भी जगह मिल सकती है।

शिवसेना से एक मंत्री ले सकता है शपथ

महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भी मोदी कैबिनेट में एक सीट मिल सकी है। सूत्रों के मुताबिक, एकनाथ शिंदे गुट से एक मंत्री शपथ लेगा, जिसमें शिवसेना के सबसे सीनियर नेता प्रतापराव जाधव का नाम सबसे आगे है। इसके अलावा श्रीरंग बारणे का नाम भी मोदी कैबिनेट के लिए चल रहा है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे एक कैबिनेट मंत्री के अलावा एक राज्यमंत्री की भी मांग कर रहे हैं।

अजित गुट से भी एक मंत्री

वहीं, महाराष्ट्र में एनसीपी में फूट करने वाले अजित गुट को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिलना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी का एक मंत्री शपथ ले सकता है, जिसमें प्रफुल्ल पटेल की दावेदारी हो सकती है। प्रफुल्ल पटेल यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।

ये रहा था चुनाव परिणाम

4 जून को आए लोकसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। पार्टी को यहां 13 सीटें मिली थीं। वहीं बीजेपी को 9 सीटें मिली थीं। बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की पार्टी को 7 तो अजित पवार के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक सीट मिली थी। वहीं महाविकास आघाड़ी में शामिल उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 9 और शरद पवार की एनसीपी को 9 सीटें मिली थीं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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