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'मेरी लीडरशिप ने हमेशा अलग-अलग प्रोफेशन के कई लोगों को मौका दिया है' बोलीं स्मृति ईरानी

भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए स्मृति के लिए 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' शो में वापसी करना कितना आसान रहा? क्या उन्हें किसी तरह की दिक्कत आई, पार्टी का क्या रुख रहा, इस सवाल पर उन्होंने क्या कहा जानिए।

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बीजेपी लीडरशिप पर क्या बोलीं स्मृति ईरानी?

Smriti Irani Exclusive: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने 25 वर्षों के बाद सबसे सफल टीवी शो में से एक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' शो में दोबारा वापसी की है। भारतीय जनता पार्टी में रहते हुए स्मृति के लिए ऐसा कदम उठाना कितना आसान रहा? क्या उन्हें किसी तरह की दिक्कत आई, पार्टी का क्या रुख रहा, इस सवाल पर उन्होंने साफ-साफ बात रखी। टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ बात करते हुए स्मृति ने इस मुद्दे पर कहा कि उनकी लीडरशिप पूरी तरह आजादी देती है।

मेरी लीडरशिप ने हर प्रोफेशन के लोगों को दिया मौका

इस सवाल पर कि सार्वजनिक तुलसी आप दोबारा बनी हैं, बहुत कम लोग पॉलिटिकल करियर के बाद ऐसा कम बैक करते हैं, स्मृति ईरानी ने कहा- शायद वे इतने सुनिश्चित नहीं हैं। क्या आपने अपनी लीडरशिप से बात की थी? इस पर स्मृति ने कहा, मेरा लीडरशिप मुझे बंदी नहीं मानता, मेरी लीडरशिप ने देश की राजनीति में हमेशा अलग-अलग प्रोफेशन के लोगों को मौका दिया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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