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मुंबई हिट-एंड-रन केस: वर्ली में BMW कार की टक्कर से महिला की मौत, शिवसेना नेता समेत दो गिरफ्तार, बेटा फरार

Mumbai Hit and Run Case: राजेश शाह एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता हैं। वहीं, राजेंद्र सिंह बिदावत कार में सवार थे। अधिकारियों ने बताया हादसे के समय कार राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था, लेकिन वह फरार है।

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Road Accident

Photo : BCCL

Mumbai Hit and Run Case: मुंबई के वर्ली इलाके में हिट एंड रन का मामला सामने आया है। रविवार को बीएमडब्ल्यू कार ने दुपहिया वाहन पर सवार एक दंपति को टक्कर मार दी। हादसे के बाद महिला बोनट पर घसीटती चली गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में रविवार शाम को दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में राजेश शाह और उसमें सवार राजऋषि राजेंद्रसिंह बिदावत पर मामला दर्ज करने के बाद रविवार शाम उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि राजेश शाह एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता हैं। वहीं, राजेंद्र सिंह बिदावत कार में सवार थे। अधिकारियों ने बताया हादसे के समय कार राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था, लेकिन वह फरार है। हालांकि, शाह और बिदावत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सुबह-सुबह हुआ हादसा

वर्ली थाने के एक अधिकारी ने बताया कि महिला की पहचान कावेरी नखवा (45) के तौर पर की गयी है। वह सुबह करीब साढ़े पांच बजे एनी बेसेंट रोड पर अपने पति प्रदीप के साथ दुपहिया वाहन से जा रही थीं, तभी बीएमडब्ल्यू कार के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और उन्हें टक्कर मार दी। उन्होंने बताया, कावेरी नखवा सड़क पर गिर गयीं। आसपास से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी। कावेरी को सरकारी नायर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कावेरी और उनके पति मछुआरा समुदाय से हैं और वे कोलाबा में ससून डॉक से अपने घर जा रहे थे।

एकनाथ शिंदे का आया बयान

हिट एंड रन केस में शिवसेना नेता का नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बयान सामने आया है। उन्होंने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मैंने पुलिस से बात की है। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, कानून के सामने सब बराबर हैं। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह दिल दहला देने वाली घटना है, आरोपी की गिरफ्तार होनी चाहिए। मैं इस घटना को कोई राजनीतिक रंग नहीं देना चाहता। यातायात नियमों का उल्लंघन तेजी से बढ़ा है, नियम तोड़ने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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