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26/11 मुंबई हमले में एक और पाकिस्तानी को भारत लाकर सजा दिलाने की तैयारी, तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता खुला

साल 2008 में पाकिस्तान से नाव के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकी मुंबई में दाखिल हुए थे। उन आतंकियों ने करीब 60 घंटे तक मुंबई को बंधक बनाए रखा था। जिसमें 160 लोगों की मौत हो गई थी।

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मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पित का रास्ता खुला

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता खुला
  • तहव्वुर राणा पर आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप
  • तहव्वुर राणा को लाया जाएगा भारत

मुंबई हमले के एक और आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का रास्ता खुल गया है। तहव्वुर राणा मूल रूप से पाकिस्तान का रहने वाला है और मुंबई हमले में बड़े लेवल पर शामिल था। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर हुसैन राणा को कैलिफोर्निया की एक अदालत ने झटका देते हुए फैसला सुनाया है कि दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि है और इसके तहत तहव्वुर हुसैन राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।

अमेरिकी कोर्ट ने क्या कहा

अदालत ने तहव्वुर हुसैन राणा की याचिका खारिज कर दी। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आतंकवादी हमलों में उसकी कथित भागीदारी को लेकर उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। पैनल ने माना कि तहव्वुर हुसैन राणा का कथित अपराध संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि की शर्तों के अंतर्गत आता है।

भारत प्रत्यर्पित किए जाने की उम्मीदें बढ़ी

इस फैसले के बाद तहव्वुर राणा के जल्द भारत प्रत्यर्पित किए जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। तहव्वुर राणा साल 2008 के मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमले में वांछित है। तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई व्यवसायी है। उस पर भारत की आर्थिक राजधानी मुबई में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकवादी संगठन को मदद देने के भी गंभीर आरोप हैं।

राणा के पास अभी बचे हैं कानूनी विकल्प

अदालत ने राणा को एक विदेशी आतंकवादी संगठन को सहायता प्रदान करने के अलावा डेनमार्क में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की नाकाम साजिश रचने का भी दोषी ठहराया। हालांकि, राणा के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का विकल्प है। भारत में अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए राणा के पास सभी कानूनी विकल्प खत्म नहीं हुए हैं।

मुंबई हमले में 160 लोगों की हुई थी मौत

बता दें कि साल 2008 में पाकिस्तान से नाव के जरिए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकी मुंबई में दाखिल हुए थे। उन आतंकियों ने करीब 60 घंटे तक मुंबई को बंधक बनाए रखा था। इस दौरान आतंकियों ने 160 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी। इस घटना में 26 विदेशी नागरिक भी मारे गए थे। इस हमले से पूरा देश स्तब्ध रह गया।

कसाब पकड़ा गया था जिंदा

सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नौ आतंकियों को मार गिराया। जबकि, एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया। जिसे बाद में फांसी की सजा सुनाई गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सेना में पूर्व चिकित्सा अधिकारी तहव्वुर हुसैन राणा 1990 में कनाडा चला गया था। शिकागो जाने से पहले वह कनाडा का नागरिक बन गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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