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Sanjeev Jeeva: जीवा के मारे जाने की खबर पाकर बेचैन हो उठा मुख्तार, रात भर बैरक में टहलता रहा

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jun 8, 2023, 12:34 PM IST

Sanjeev Jeeva murder case: पुलिस सूत्रों का कहना है कि विजय कुमार यादव का सीधा संबंध जीवा से नहीं है। विजय का इस्तेमाल शूटर के रूप में किया गया। पुलिस इस हत्याकांड को गैंगों की आपसी रंजिश से जोड़कर देख रही है। मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद संजीव सीधे तौर पर मुख्तार से जुड़ा हुआ था। जेल में बंद जीवा से मुख्तार के गुर्गे मुलाकात किया करते थे।

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मुख्तार अंसारी का करीबी शूटर था संजीव जीवा।

Sanjeev Jeeva murder case: कृष्णानंद राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी और मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी संजीव जीवा की बुधवार को लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट में वेस्ट यूपी के गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि जीवा की हत्या की खबर जैसे ही बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी तक पहुंची वह बेचैन हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह पूरी रात नहीं हो सका और अपनी बैरक में टहलता रहा। जीवा, मुख्तार का करीबी शूटर था। जीवा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक शूटर विजय कुमार यादव ने उसे एक के बाद एक छह गोलियां मारीं। सभी गोलियां पीठ के पीछे बाईं तरफ लगीं।

विजय का जीवा से सीधा संबंध नहीं

पुलिस सूत्रों का कहना है कि विजय कुमार यादव का सीधा संबंध जीवा से नहीं है। विजय का इस्तेमाल शूटर के रूप में किया गया। पुलिस इस हत्याकांड को गैंगों की आपसी रंजिश से जोड़कर देख रही है। मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद संजीव सीधे तौर पर मुख्तार से जुड़ा हुआ था। जेल में बंद जीवा से मुख्तार के गुर्गे मुलाकात किया करते थे। वह पश्चिमी यूपी में जालसाजी, रंगदारी से लेकर अपराध का काम देखता था।

सवाल उठता है कि क्या गैंगवार में मारा गया जीवा?

बताया जाता है कि गैंगस्टर सुनील राठी से उसकी वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या राठी गैंग ने कराई था। इस हत्याकांड के तार पूर्वांचल से भी जुड़ रहे हैं। चर्चा यह भी है कि एक बड़े माफिया के इशारे पर जीवा की हत्या हो सकती है। जीवा पर गोली चलाने वाला शूटर भी पूर्वांचल के जौनपुर का रहने वाला है। तीन महीने पहले ही शूटर विजय राठी गैंग के संपर्क में आया।

जीवा की क्राइम कुंडली

  1. जीवा के खिलाफ 24 मुकदमे दर्ज हैं।
  2. ये मुकदमे मुजफ्फरपुर, शामली, गाजीपुर, फर्रुखाबाद और हरिद्वार में दर्ज हैं।
  3. ये केस हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी और जालसाजी से जुड़े हैं।
  4. तीन मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन भी हैं।
  5. बताया जाता है कि जीवा मुजफ्फरनगर से अपना गैंग ऑपरेट करता था।
  6. एक मामले में आजीवन कारावास हुई।

मुख्तार-अतीक के साम्राज्य पर नजर?

मुन्ना बजरंगी मुख्तार अंसारी का खास आदमी था। मुख्तार अंसारी के साथ इसने कई शूटआउट को अंजाम दिया था। वह एक तरह से मुख्तार का दाहिना हाथ था। संकेत मिले हैं कि हत्या वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। मुख्तार के रंगदारी और उगाही के धंधे पर अन्य गिरोहों की नजर है। वे उस पर कब्जा करना चाहते होंगे। मुख्तार अंसारी के जेल जाने के बाद उसके गैंग को चलाने की जिम्मेदारी जीवा जैसे उसके करीबियों पर थी। मुख्तार के करीबियों को मारकर उसके साम्राज्य पर कब्जा जमाने की सोच उसके विरोधी गैंग की हो सकती है।

घायल बच्ची से मिले सीएम योगी, चॉकलेट दी

जीवा की हत्या के बाद कृष्णानंद राय के परिवार ने प्रतिक्रिया दी है। दिवंगत कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय ने कहा कि जो जैसा करता है उसका हश्र भी वैसा होता है। यह कुख्यात अपराधी था। हमारे साथ न्याय हुआ है। वहीं, शूटआउट में जख्मी हुई बच्ची से मिलने के लिए सीएम योगी लखनऊ के ट्रामा सेंटर पहुंचे और उसकी हालत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्ची को खाने के लिए चॉकलेट भी दिया। इस शूटआउट में दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे जिनमें से एक को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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