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मुजाहिद्दीन आर्मी के मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपी फिलहाल यूपी एटीएस की गिरफ्त में है। मास्टरमाइंड मुहम्मद रजा उर्फ जाबिर अली को 29 सितंबर को यूपी एटीएस ने केरल से गिरफ्तार किया था और ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लेकर आई है। इससे पहले एटीएस ने इस गैंग के 4 कट्टरपंथियों का कानपुर, रामपुर, सोनभद्र और सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया था। देश भर में हिन्दू धर्मगुरुओं की हत्या कर दंगा भड़काने और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को गिरा कर शरीया कानून लागू करने का मंसूबा पालने वाले इस कट्टरपंथियो से पुछताछ में अब बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इनके पास से एक काली डायरी बरामद हुई है। इस काली डारी में ज्यादातर कोडवर्ड में लिखे हुए हैं। कोडवर्ड को डिकोड करने पर कई बड़े राज सामने आए हैं।
काली डायरी में कोडवर्ड का इस्तेमाल
सूत्रों की मानें तो इस डायरी में कई अहम राज हैं। काली डायरी में हर एक पन्ने के बाद 'अल्लाह' लिखा हुआ है। सातवें पन्ने पर 'कौम खतरे में' लिखा हुआ है। इतना ही नहीं 14वें पन्ने में उर्दू में कागज चिपकाया गया है जिस पर लिखा हुआ है...जिहाद की तैयारी। सभी मुसलमानों को जिहाद में इस्तेमाल होने वाले हथियारों का इस्तेमाल करना सीखने का आदेश दिया गया है। एक पन्ने पर एस संख्या 127 लिखी गई है। कुछ पन्नों पर के, एम, एच जैसे शब्द लिखे गए हैं। सूत्रों का मानना है कि यह कोड वर्ड शहरों के नाम हो सकते हैं। मसलन, एम-मथुरा, एच,हरिद्वार, के- काशी हो सकता है। चूकि इन कट्टरपंथियों के निशाने पर इन शहरों के घर्मगुरु हो सकते हैं, लिहाजा इनके लिए कोड का इस्तेमाल किया गया होगा।
मास्टरमाइंड रज़ा शातिर अपराधी निकला
हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाला मोहम्मद रजा सोशल मीडिया का शातिर अपराधी निकला। वह इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर खुद को मौलाना बताकर भड़काऊ भाषणों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारों की ओर धकेल रहा था। युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करता था। इंस्टाग्राम पर शरीयत के कानून और जिहाद की बात करने वाले उसके वीडियो का गांव के युवा इंतजार करते थे। वह खुद को मौलाना की तरह पेश कर युवाओं को भड़काऊ भाषण देता था, जिसे वह मोटिवेशनल स्पीच (उकसाने वाली जुबान) कहता था।
रज़ा के मोबाइल पर 100 से अधिक वीडियो
सूत्रों की मानें तो एटीएस ने मोहम्मद रजा के मोबाइल फोन की जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल में 100 से अधिक वीडियो मिले हैं। अधिकतर वीडियो कट्टर पंथी इस्लामिक संगठनों के हैं। इन संगठनों के सरगना भड़काऊ और नफरती भाषण देते हैं। देश के कई धर्मगुरुओं के वीडियो भी मिले हैं। इन वीडियो को भी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर मोहम्मद रजा अपनी कौम के लोगों को भड़काने का संदेश देता था।
