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मेरी बेटी को पाल लो, अहसान होगा- जब हुई 7वीं बच्ची तो भरतपुर के अस्पताल में छोड़ गई मां, पत्र में बयां किया दर्द

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated May 26, 2023, 04:48 PM IST

यह घटना भरतपुर के जनाना अस्पताल की है। गुरुवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में एक नवजात अकेली पड़ी मिली। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो देखा कि बच्ची एक बेंच पर पड़ी है। एक दूध की बोतल, कुछ कपड़े और एक चिट्ठी भी वहां रखी थी। ​​​ ​

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भरतपुर के अस्पताल में नवजात बच्ची को छोड़ गई मां (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

KEY HIGHLIGHTS
  • सातवें बेटी को अस्पताल में छोड़कर भागी मां
  • बेटियों को लेकर सास देती थी ताने
  • सिर्फ 3 दिन की है सातवीं बेटी

हाल ही में यूपीएससी (UPSC) का रिजल्ट आया है, बेटियों ने दुनिया की कठिन परिक्षाओं में से एक माने जाने वाली इस परीक्षा में टॉप के कई स्थानों पर काबिज हो ये जता दिया कि बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं। लेकिन बेटियों की ये सफलता अभी भी लगता है कुछ इलाकों में अपनी धमक बनाने में नाकाम रही है, समाज की चेतना जगाने में नकाम रही है, वरना राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर (Bharatpur) में जो हुआ है वो नहीं होता। एक मां बेटे की चाहत में छह बच्चियों को पहले ही जन्म दे चुकी है और जब सातवीं बच्ची भी हुई तो उसने एक चिट्ठी के साथ अपनी नवजात बच्ची को अस्पताल में ही छोड़कर भाग गई। चिट्ठी में मां ने अपनी मजबूरी भी बताई है। अपना दर्द भी बयां किया है।

भरतपुर का है मामला

यह घटना भरतपुर के जनाना अस्पताल की है। गुरुवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में एक नवजात अकेली पड़ी मिली। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो देखा कि बच्ची एक बेंच पर पड़ी है। एक दूध की बोतल है, कुछ कपड़े हैं और एक चिट्ठी भी वहां रखी है।

चिट्ठी में क्या था

बच्ची की मां ने इस चिट्ठी को लिखा था। मां ने लिखा कि उसे छह बेटियां पहले से है। सास ताना मारती है। इसलिए वो सातवीं को छोड़कर जा रही है। मां ने लिखा- "मुझपर छह लड़की हो गई है, इसलिए मेरी सास परेशान करती है, इसलिए ये कदम उठाया है। मेरी बेटी को पाल लो, तुम्हारा अहसान होगा। मुझे माफ कर दो।"

बच्ची का क्या हुआ

बच्ची के मिलने के बाद इसकी सूचना पुलिस और अस्पताल प्रशासन को दी गई। डॉक्टरों ने तुरंत इसका इलाज शुरू करवाया। बच्ची फिलहाल ठीक है और डॉक्टरों की निगरानी में है। अभी तक बच्ची के परिजनों का पता नहीं चल पाया है। बाल कल्याण समिति को घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद बच्ची पर उनकी भी निगरानी है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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