हाल ही में यूपीएससी (UPSC) का रिजल्ट आया है, बेटियों ने दुनिया की कठिन परिक्षाओं में से एक माने जाने वाली इस परीक्षा में टॉप के कई स्थानों पर काबिज हो ये जता दिया कि बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं। लेकिन बेटियों की ये सफलता अभी भी लगता है कुछ इलाकों में अपनी धमक बनाने में नाकाम रही है, समाज की चेतना जगाने में नकाम रही है, वरना राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर (Bharatpur) में जो हुआ है वो नहीं होता। एक मां बेटे की चाहत में छह बच्चियों को पहले ही जन्म दे चुकी है और जब सातवीं बच्ची भी हुई तो उसने एक चिट्ठी के साथ अपनी नवजात बच्ची को अस्पताल में ही छोड़कर भाग गई। चिट्ठी में मां ने अपनी मजबूरी भी बताई है। अपना दर्द भी बयां किया है।
भरतपुर का है मामला
यह घटना भरतपुर के जनाना अस्पताल की है। गुरुवार की रात करीब 11 बजे अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में एक नवजात अकेली पड़ी मिली। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो देखा कि बच्ची एक बेंच पर पड़ी है। एक दूध की बोतल है, कुछ कपड़े हैं और एक चिट्ठी भी वहां रखी है।
चिट्ठी में क्या था
बच्ची की मां ने इस चिट्ठी को लिखा था। मां ने लिखा कि उसे छह बेटियां पहले से है। सास ताना मारती है। इसलिए वो सातवीं को छोड़कर जा रही है। मां ने लिखा- "मुझपर छह लड़की हो गई है, इसलिए मेरी सास परेशान करती है, इसलिए ये कदम उठाया है। मेरी बेटी को पाल लो, तुम्हारा अहसान होगा। मुझे माफ कर दो।"
बच्ची का क्या हुआ
बच्ची के मिलने के बाद इसकी सूचना पुलिस और अस्पताल प्रशासन को दी गई। डॉक्टरों ने तुरंत इसका इलाज शुरू करवाया। बच्ची फिलहाल ठीक है और डॉक्टरों की निगरानी में है। अभी तक बच्ची के परिजनों का पता नहीं चल पाया है। बाल कल्याण समिति को घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद बच्ची पर उनकी भी निगरानी है।
