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हिमाचल में मानसून का कहर, 383 सड़कें प्रभावित; 173 की मौत

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून के लगातार कहर ने राज्य भर में आवश्यक सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने पुष्टि की है कि मानसून की शुरुआत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 173 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 95 मौतें सीधे तौर पर बारिश से होने वाली आपदाओं, जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और मकान ढहने से जुड़ी हैं ।

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हिमाचल में मानसून का कहर

Photo : ANI

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून के लगातार कहर ने राज्य भर में आवश्यक सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, 2 अगस्त को सुबह 10:00 बजे तक, 383 सड़कें अवरुद्ध हैं, 747 वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) बाधित हैं, और बारिश से हुए नुकसान के कारण 249 जलापूर्ति योजनाएं ठप हैं। स्थिति पहले के दिनों की तुलना में तेजी से बिगड़ी है।

173 लोगों की गई जान

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग NH-305, NH-505, NH-21 और NH-03 जैसे प्रमुख मार्ग भूस्खलन और मलबे के कारण दुर्गम हो गए हैं। चंबा, कुल्लू, मंडी और ऊना जैसे जिलों में कई आंतरिक सड़कें अभी भी दुर्गम बनी हुई हैं, जिससे बचाव और मरम्मत के काम और भी जटिल हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने पुष्टि की है कि मानसून की शुरुआत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में 173 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 95 मौतें सीधे तौर पर बारिश से होने वाली आपदाओं, जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और मकान ढहने से जुड़ी हैं । वहीं, 78 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुई हैं, जिनमें से कई बारिश के कारण फिसलन और खराब दृश्यता के कारण हुईं।

लाहौल-स्पीति राजमार्ग बंद

भारी बारिश के कारण लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में राजमार्गों के महत्वपूर्ण हिस्से बंद हो गए हैं, जहां छतरू के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 505 बंद है। कुल्लू में राष्ट्रीय राजमार्ग 305 भी भूस्खलन के कारण झेड़ (खनाग) में अवरुद्ध है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रभावित सिंचाई और सीवरेज योजनाओं में अस्थायी बहाली का प्रयास किया गया है, लेकिन लगातार जारी मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। एसडीएमए स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बहाली के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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