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'मोदी सरकार को देश को जवाब देना होगा', अमेरिकी नागरिक वैनडाइक पर UAPA की धाराएं नहीं लगाने पर कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु ​​सिंघवी ने पूछा कि 'देश में अवैध प्रवेश, सशस्त्र समूहों के साथ संपर्क रखने और ड्रोन युद्ध ट्रेनिंग में संलिप्तता की वजह से यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तार होता है और अचानक से ये गंभीर आरोप लुप्त कैसे हो गए।'

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अमेरिकी नागरिक वैनडाइक पर लगा है आतंकी साजिश का आरोप।

Photo : ANI

US citizen VanDyke Case: अमेरिकी नागरिक आरोन वैनडाइक पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराएं नहीं लगाने पर कांग्रेस नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को सरकार पर सवाल खड़े किए। सिंघवी ने कहा कि 'भारत-अमेरिका की उच्च स्तरीय बैठक के बाद आतंकी धाराएं यदि हटाई गई हैं तो मोदी सरकार को देश को जवाब देना होगा।' X पर अपने एक पोस्ट में सिंघवी ने कहा, 'अमेरिका-भारत उच्च स्तरीय बैठक के बाद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक के खिलाफ आतंकी धाराएं हटाने की रिपोर्ट यदि सही है तो मोदी सरकार को देश को जवाब देना होगा।'

सिंघवी ने पूछा कि 'देश में अवैध प्रवेश, सशस्त्र समूहों के साथ संपर्क रखने और ड्रोन युद्ध ट्रेनिंग में संलिप्तता की वजह से यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तार होता है और अचानक से ये गंभीर आरोप लुप्त कैसे हो गए।'

आरोपियों पर NIA ने यूएपीए की धाराएं नहीं लगाईं

बता दें कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक समेत सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इन सभी विदेशी नागरिकों पर भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने, ठहरने और आवाजाही के आरोप हैं। हालांकि, जातीय सशस्त्र समूहों से कथित संबंधों वाले आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तारी के बाद भी एजेंसी ने उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं नहीं लगाई हैं। एनआईए ने विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सात लोगों पर आव्रजन एवं विदेशी (नागरिक) अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाये गये हैं।

अलग-अलग हवाई अड्डों से आरोपियों को पकड़ा गया

एनआईए ने 13 मार्च को डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों- कामिन्स्की विक्टर, हर्बा पेट्रो, स्लीवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकिव मारियन और होंचारुक मक्सिम को गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने कथित तौर पर म्यांमा से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में घुसपैठ की थी और बाद में देश के अलग-अलग घरेलू हवाई अड्डों पर उन्हें पकड़ा गया था। आरोप है कि यह समूह भाड़े के लड़ाकों के तौर पर काम कर रहा था। एनआईए ने पहले ही उनके खिलाफ यूएपीए के प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, आरोपपत्र में उन पर यूएपीए कानून के तहत आरोप नहीं लगाए गए।

आतंकी साजिश के सिलसिले में पूछताछ जारी

एजेंसी ने पूर्व में अदालत को बताया था कि आरोपियों से एक बड़ी आतंकी साजिश के सिलसिले में पूछताछ की जा रही है, जिसमें भारत और म्यांमा में जातीय सशस्त्र समूहों की मदद करना और उन्हें ड्रोन का प्रशिक्षण देना शामिल है। आरोपपत्र में कहा गया है, 'यूएपीए अधिनियम, 1967 के तहत किए गए अपराधों की जांच का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।' इसमें कहा गया है, 'आगे की जांच चल रही है और यूएपीए के तहत अपराधों के बारे में सटीक और पूरी जानकारी का पता लगाने और उसकी पुष्टि करने में और समय लगेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारी मात्रा में ड्रोन और उनके पुर्जे बरामद किए गए हैं तथा बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है...।’

दिसंबर 2025 में भारत आये थे सभी आरोपी

इसमें कहा गया है कि आगे की जांच से 'भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को प्रभावित करने या खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में, या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले तरीके से भारत के लोगों के किसी भी वर्ग में दहशत फैलाने वाली गतिविधियों में उनकी संभावित संलिप्तता का संकेत मिल सकता है।’ आरोपपत्र में कहा गया है, 'जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी वैन डाइक और गिरफ्तार किए गए अन्य यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा लेकर दिसंबर 2025 में भारत आये थे और उसके बाद म्यांमा के जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के लिए म्यांमा सीमा पार करके विक्टोरिया कैंप पहुंचे थे।’ अदालत ने मामले की आगे की कार्यवाही के लिए एक अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। अदालत ने 16 मार्च को एनआईए की दलीलों से सहमत होते हुए आरोपियों को 11 दिन के लिए उसकी हिरासत में भेजने की मंजूरी दी थी। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

(एजेंसी इनपुट)

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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