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बाजार में बिकवाली और महंगे क्रूड का डबल अटैक, रुपया टूटकर फिर 95 के पार, जानें ताजा रेट

अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गई हैं। इससे रुपये पर दबाब बढ़ा है।

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रुपया धड़ाम

ईरान-अमेरिका में फिर युद्ध शुरू होने का चौतरफा दबाब भारतीय शेयर बाजार से लेकर करेंसी पर दिखाई दे रहा है। भारतीय बाजार में आज भी बड़ी गिरावट है। वहीं, रुपया एक बार फिर टूटकर डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंच गया है। रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 21 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.95 पर आ गया। रुपया का ताजा एक्सचेंज रेट अब 29 पैसे टूटकर 95.14 हो गया है।

करेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय रुपया में और गिरावट की आशंका है। इतना ही नहीं, कमजोर ग्लोबल मार्केट रुपये पर और दबाव डाल सकते हैं। हालांकि, कमजोर डॉलर निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकता है। निवेशक अब अमेरिका और भारत के महंगाई के आंकड़ों पर ध्यान दे रहे हैं।

मंगलवार को भी रुपये में आई थी बड़ी गिरावट

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.80 पर खुला। फिर 94.95 प्रति डॉलर पर लुढ़क गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 21 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 18 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.74 पर बंद हुआ था।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.76 पर आ गया।

ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 500.25 अंक टूटकर 75,060.61 अंक पर और निफ्टी 129.40 अंक फिसलकर 23,506.10 अंक पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 123.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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