S Jaishankar : 'ऑपरेशन सिंदूर' पर संसद में चर्चा जारी है। बुधवार को राज्यसभा में चर्चा में शामिल होते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक तहव्वुर राणा भारत में मुकदमे का सामना कर रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि राणा 26 सालों से वांछित था और मोदी सरकार इसे अमेरिका से प्रत्यर्पित कराने में सफलता प्राप्त की। बीते एक दशक में हमारी सरकार ने आतंकवाद को वैश्विक मुद्दा बनाया है। चाहे वह ब्रिक्स हो, एससीओ हो, क्वाड हो या द्विपक्षीय स्तर, हर जगह आतंकवाद एक बड़ा मुद्दा होता है। सिंधु जल संधि स्थगित होने पर विदेश मंत्री ने कहा कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।'
हम किसी भी मध्यस्थता के लिए तैयार नहीं-जयशंकर
राज्यसभा में जयशंकर ने कहा, '...जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो कई देश हमसे संपर्क में थे यह समझने के लिए कि स्थिति कितनी गंभीर है और यह कितने समय तक चलेगा। हमने सभी देशों को एक ही संदेश दिया कि हम किसी भी मध्यस्थता के लिए तैयार नहीं हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच जो कुछ भी होगा, वह केवल द्विपक्षीय होगा और यह कि हम पाकिस्तानी हमले का जवाब दे रहे हैं, और जवाब देना जारी रखेंगे। अगर यह लड़ाई रुकनी है, तो पाकिस्तान को अनुरोध करना होगा। वह अनुरोध केवल डीजीएमओ के चैनल के माध्यम से ही आ सकता है।'
'22 अप्रैल से 16 जून तक PM-ट्रंप के बीच कोई बात नहीं'
विदेश मंत्री ने कहा कि 'मैं उन्हें यह कहना चाहता हूं, वह कान खोलकर सुन लें। 22 अप्रैल से 16 जून तक, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक भी फोन कॉल नहीं हुआ।' उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रंग लाई और संयुक्त राष्ट्र ने माना कि ‘द रेजिस्टेन्स फ्रंट’ (टीआरएफ) पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट लश्कर ए तैयबा का छद्म संगठन है।
मंगलवार को लोकसभा में पीएम ने दिए सवालों के जवाब
विपक्ष की मांग पर संसद में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा हो रही है। मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सवालों के जवाब दिए। मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमलों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर मंगलवार को करारा प्रहार किया तथा कहा कि देश की आजादी के बाद उसने (कांग्रेस ने) हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है। पीएम ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस लेने का मौका गंवा देने के आरोपों पर कहा, ‘आज जो लोग पूछ रहे हैं कि पीओके को वापस क्यों नहीं लिया, उन्हें सबसे पहले इस सवाल का जवाब देना होगा कि किसकी सरकार ने इस क्षेत्र पर पाकिस्तान को कब्जा करने का अवसर दिया था?’ इससे पहले राहुल गांधी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर सरकार को घेरा।
