देश

शिंदे शिवसेना को MNS का समर्थन, पार्षदों को तोड़ने पर BJP-कांग्रेस में वार-पलटवार, दिलचस्प मोड़ पर महाराष्ट्र में मेयर चुनाव

राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने कल्याण-डोंबिली नगर निगम (KDMC) में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने की बात कह सभी को चौंका दिया है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के पार्षदों को तोड़ने का आरोप लगाया है। मुंबई में मेयर पद के चुनाव को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है।

Image

महाराष्ट्र नगर निगमों की सत्ता में पहुंचने पर खींचतान जारी है।

Photo : PTI

Maharashtra News : महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद से नगर निगमों में अपना मेयर बनाने की रेस तेज हो गई है लेकिन गठबंधनों में दरार आने की वजह से यह काम इतना आसान नहीं रह गया है जितना समझा जा रहा था। राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने कल्याण-डोंबिली नगर निगम (KDMC) में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने की बात कह सभी को चौंका दिया है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के पार्षदों को तोड़ने का आरोप लगाया है। मुंबई में मेयर पद के चुनाव को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है।

कई नगर निगमों में जारी है खींचतान

रिपोर्टों के मुताबिक सबसे ज्यादा खींचतान और गतिरोध कोल्हापुर, चंद्रपुर, मालेगांव, कल्याण-डोंबिवली, उल्हास नगर एवं बीएमसी में देखने को मिल राह है। यहां की सत्ता में पहुंचने के लिए विपक्षी पार्षदों को अपनी तरफ लुभाने और उनका समर्थन हासिल करने के लिए दबाव की राजनीति का सहारा लिया जा रहा है। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में एमएनएस ने शिंदे गुट वाली शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की है। खास बात यह है कि एमएनएस उद्धव ठाकरे के गुट वाली शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन का हिस्सा है। दशकों की कटुता भुलाते हुए उद्धव एवं राज ठाकरे महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले साथ आए और मिलकर चुनाव लड़ा।

केडीएमसी में उद्धव के 4 पार्षदों से संपर्क नहीं

रिपोर्टों के मुताबिक केडीएमसी में उद्धव ठाकरे के 11 कॉरपोरेटर चुनाव जीतकर पहुंचे हैं और इनमें से 4 से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, शिंदे गुट वाली शिवसेना को एमएनएस द्वारा समर्थन दिए जाने की रिपोर्ट पर संजय राउत ने कहा कि कल्याण-डोंबिवली के घटनाक्रम पर उन्होंने राज ठाकरे से बात की है। स्थानीय स्तर के कुछ नेताओं ने यह निर्णय लिया है, यह फैसला एमएनएस का नहीं है। सूत्रों का कहना है कि शिंदे कल्याण नगर निगम में काबिज होने की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन उनके इस प्रयास से भाजपा के साथ मतभेद पैदा हो सकता है।

उल्हासनगर में शिंदे सेना-भाजपा में खींचतान

यही नहीं, उल्हासनगर में भी शिंदे सेना भाजपा के समर्थन के बिना बहुमत पाने की फिराक में है। हालांकि, यहां दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा था। यहां 78 सदस्यों वाले निगम में भाजपा के 37 और शिवसेना के 36 पार्षद विजयी हुए हैं। यहां शिंदे को एक निर्दलीय और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के दो पार्षदों का समर्थन मिला है। उल्हासनगर निगम में बहुमत का आंकड़ा 40 है।

चंद्रपुर में भी आरोप-प्रत्यारोप

चंद्रपुर नगर निगम में 27 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यहां भाजपा के 23 पार्षद जीतें हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा उसके कुछ पार्षदों पर डोरे डाल रही है और निर्दलीयों एवं शिवसेना (यूबीटी) में सेंध लगाने का प्रयास कर रही है। इस बीच, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता सुधीर मुंगांटिवार ने कहा कि कांग्रेस के कई पार्षद भाजपा के संपर्क में हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!