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नए साल पर मनरेगा बनाम VB–G RAM G: कांग्रेस के आंदोलन से पहले BJP का प्री-एम्प्टिव प्लान

नए साल पर मनरेगा बनाम VB–G RAM G: विपक्ष के आंदोलन से पहले BJP जमीनी और डिजिटल दोनों मोर्चों पर किलेबंदी कर विपक्ष के मनरेगा बनाम VB–G RAM G कानून के नैरेटिव को कमजोर करने की पूरी तैयारी में नजर आ रही है।

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पीएम मोदी और अमित शाह (फोटो- PTI)

नए साल की शुरुआत के साथ ही देश की राजनीति में मनरेगा बनाम VB–G RAM G कानून को लेकर टकराव तेज हो गया है। विपक्ष जहां इस कानून के खिलाफ आंदोलन की तैयारी में जुटा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के सड़क पर उतरने से पहले ही एक प्री-एम्प्टिव रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी का लक्ष्य विपक्ष के “मनरेगा बचाओ” जैसे नारों और नैरेटिव को जमीनी और डिजिटल, दोनों स्तरों पर कमजोर करना है।

विपक्ष के आंदोलन से पहले BJP की मोर्चाबंदी

BJP ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के प्रस्तावित आंदोलन से पहले ही व्यापक मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। पार्टी की रणनीति साफ है—विपक्ष के आंदोलन शुरू होने से पहले ही जमीनी स्तर पर उनके नैरेटिव को निष्प्रभावी करना। इसके तहत आज से ही पूरे देश में संगठित आउटरीच अभियान की शुरुआत की जा रही है, ताकि आम लोगों तक सरकार का पक्ष पहले पहुंच सके।

राष्ट्रीय जनजागरण अभियान और माइक्रो प्लानिंग

VB–G RAM G कानून को लेकर BJP पूरे देश में फैक्ट-बेस्ड राष्ट्रीय जनजागरण अभियान चलाएगी। इसके लिए माइक्रो-लेवल रणनीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रदेश और जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम के तहत

  • 5–6 जनवरी को सभी प्रदेश BJP मुख्यालयों में प्रेस वार्ता
  • 7–9 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर प्रेज़ेंटेशन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • जिला पंचायत, ब्लॉक पंचायत और सरपंच सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
  • साथ ही सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और सहकारी संस्थाएं भी सीधे मैदान में उतरेंगी।

ग्रासरूट्स से डिजिटल तक आक्रामक अभियान

BJP का फोकस केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर किसान–श्रमिक चौपालें, घर-घर संपर्क अभियान और गांव-गांव फैक्ट-आधारित प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा किसान पदयात्रा, ट्रैक्टर रैली और बैलगाड़ी रैली के जरिए भी माहौल बनाने की योजना है।

डिजिटल मोर्चे पर Op-Eds, लेख, ब्लॉग, दीवार लेखन, होर्डिंग्स, अखबारों में विज्ञापन और आक्रामक सोशल मीडिया कैंपेन चलाया जाएगा। Influencers और किसान संगठनों को भी सक्रिय किया जाएगा।

संसद से पंचायत तक एकजुटता

NDA शासित राज्यों के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रियों की इस अभियान में विशेष भूमिका तय की गई है। संसद से लेकर पंचायत स्तर तक सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इस अभियान से जोड़ा गया है। इन सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग टीम भी गठित की गई है।

Ravikant Rai
रविकांत रायauthor

सत्ता के गलियारों से आम जनमानस से जुड़ी हर ख़बर पर पैनी नज़र, । राजनीति के हर दांव पेंच से वाकिफ, 13 सालों में दो लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के विधान सभा चुनाव कवर करने का अनुभव। संसद भवन, बीजेपी और प्रधानमंत्री कार्यालय को मैं कवर करता हूं... फिल्मे देखना , सपने देखना और उनका पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा देना ये मेरा जुनून है।

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