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गृह मंत्रालय ने दिल्ली ब्लास्ट की जांच NIA को सौंपी, अमित शाह की बैठक के बाद फैसला, अब तक 12 की मौत

यह स्पष्ट संकेत है कि अब तक 12 लोगों की जान ले चुके इस विस्फोट को सरकार आतंकवादी कृत्य मान रही है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है। हालांकि सरकार या पुलिस ने अबतक इसे आतंकी हमला घोषित नहीं किया है।

Blast in Delhi

दिल्ली धमाके की जांच NIA को सौंपी

MHA Hands Over Delhi Blast Case To NIA: गृह मंत्रालय ने दिल्ली धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। आज गृह मंत्री अमित शाह की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया। धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी जांच का सिलसिला तेज करते हुए पुलवामा में मुख्य आरोपी डॉ. उमर के घरवालों को पूछताछ की है। इस बीच दिल्ली पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। इस बीच गृह मंत्रालय ने जांच का जिम्मा एनआईए को सौंप दिया है।

...तो सरकार मान रही आतंकवादी कृत्य

यह स्पष्ट संकेत है कि अब तक 12 लोगों की जान ले चुके इस विस्फोट को सरकार आतंकवादी कृत्य मान रही है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है। हालांकि सरकार या पुलिस ने अबतक इसे आतंकी हमला घोषित नहीं किया है। एक सूत्र ने कहा कि विस्फोट का मामला एनआईए को सौंप दिया गया है।

यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विस्फोट के बाद राष्ट्रीय राजधानी और देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के कुछ घंटों बाद आया। शाह ने मंगलवार दोपहर एक और सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई है। गृह मंत्री ने कहा है कि शीर्ष जांच एजेंसियां विस्फोट की जांच कर रही हैं और वे घटना की गहराई से जांच करेंगी।

धमाके में 12 लोगों की मौत

सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए। इस धमाके में कई ऐसा मासूमों की जान चली गई जो किसी काम से चांदनी चौक गए हुए थे। तीन मृतक उत्तर प्रदेश से हैं।

डॉ. उमर का पिता-भाई हिरासत में

दिल्ली ब्लास्ट का मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी सुर्खियों में है। उसे लेकर नए खुलासे हो रहे हैं और उसके जिंदा होने या मरने पर भी कयास लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसने ही कार में धमाका किया था जिसमें उसकी मौत हो गई है। यानी उसने दिल्ली में आत्मघाती हमले को अंजाम दिया। अगर ये सही साबित हुआ, तो दिल्ली में ये अपनी तरह की पहली आतंकी वारदात होगी। दिल्ली विस्फोट के संदिग्ध के उमर के पिता और भाई को पूछताछ के लिए जम्मू-कश्मीर के पुलवामा स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया।

शाह ने की उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक

दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास हुए विस्फोट के मामले में मंगलवार को यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की और राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर छापे मारे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लाल किले के पास जिस कार में सोमवार शाम को विस्फोट हुआ उसके चालक का कथित तौर पर फरीदाबाद स्थित आतंकवादी मॉड्यूल से संबंध था। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार शाम हुए विस्फोट के मद्देनजर आज एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस हमले में 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए। जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात डिजिटल माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए। पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम के तहत आतंकवादी हमला मामले की साजिश एवं ऐसे मामलों में सजा से संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।

दिल्ली पुलिस कई जगहों पर छापेमारी

दिल्ली पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है और राष्ट्रीय राजधानी को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है तथा हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलवामा का निवासी और पेशे से चिकित्सक उमर मोहम्मद कथित तौर पर वह हुंदै आई20 कार चला रहा था, जो लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग क्षेत्र में हुए विस्फोट में इस्तेमाल हुई थी।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल Author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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