देश

कंडोम,थर्मामीटर से लेकर इन मेडिकल डिवाइस का होगा रजिस्ट्रेशन,ग्राहकों को होगा ये फायदा

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 5, 2022, 01:10 PM IST

Medical Device New Rules:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस के निर्माता और आयात करने वाले कारोबारियों को अब रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। इसके लिए उसे केंद्रीय या फिर राज्य स्तरीय लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए नियम एक अक्टूबर 2022 से लागू कर दिए गए हैं।

Image

मेडिकल डिवाइस के लिए बदले नियम

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • मेडिकल डिवाइस को उनके जोखिम के आधार पर चार कैटेगरी में रखा गया है।
  • A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस, कम और हल्के जोखिम वाले कैटेगरी में आते हैं।
  • इसमें थर्मामीटर, मेडिकल सीरिंज, कुछ कैथेटर, कंडोम, फेस मास्क जैसे मेडिकल डिवाइस आते हैं।

Medical Device New Rules: अब कोई भी स्टोर बिना रजिस्ट्रेशन किए हुए कंडोम (Condom),थर्मामीटर (Thermometer), फेस मॉस्क (Face Mask), कैथेटर (Catheter) जैसे मेडिकल डिवाइस (Medical Device) की बिक्री नहीं कर पाएगा। बिक्री के लिए मैन्युफैक्चर्स और आयातक को केंद्र या राज्य स्तर की लाइसेसिंग अथॉरिटी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नए नियम के जरिए A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस की ट्रैकिंग की जा सकेगी। और किसी गड़बड़ी के समय उन्हें रिकॉल करना आसान हो सकेगा। साथ ही बिक्री स्टोर पर भी भंडारण से लेकर लाइटिंग आदि के मानकों का पालन करना होगा। इस कदम का सीधा फायदा ग्राहकों को मिल सकेगा।

एक अक्टूबर से लागू हुआ नया नियम

MEDICAL DEVICE.

मेडिकल डिवाइस रजिस्ट्रेशन के नए नियम जारी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस के निर्माता और आयात करने वाले कारोबारियों को अब रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यानी अगर कोई व्यक्ति A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस का उत्पादन करता है, या फिर उसका दूसरे देश से आयात और बिक्री करता है। तो उसे केंद्रीय या फिर राज्य स्तरीय लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बिना वह न तो इन मेडिकल डिवाइस का उत्पादन कर सकेगा, न आयात कर सकेगा। नए नियम एक अक्टूबर 2022 से लागू कर दिए गए हैं।

ग्राहकों को क्या फायदा

रजिस्ट्रेशन की वजह से इन मेडिकल डिवाइस की ट्रैंकिंग करना आसान हो जाएगा। ऐसे में किसी शिकायत के समय, उनकी ट्रैकिंग आसानी से होगी। किसी डिवाइस को अगर रिकॉल किया जाएगा, तो ग्राहकों को भी उसका फायदा मिलेगा। और डिफेक्टेड प्रोडक्ट को रिप्लेस करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा बिक्री स्टोर पर ऐसे उत्पादों के लिए तय जगह (Space) होना जरूरी होगा। इसके अलावा वहां लाइट आदि दूसरी जरूरी सुविधाएं होना भी जरूरी होगा। साथ ही स्टोर पर बिक्री करने वाला एक टेक्निकल स्टॉफ होना जरूरी होगा। इसके लिए व्यक्ति के पास फॉर्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन या ग्रैजुएशन की डिग्रा या फिर इंटरमीडिए पास होने के साथ-साथ एक साल से मेडिकल डिवाइस की बिक्री का अनुभव होना जरूरी होगा।

क्या होते हैं A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस

मेडिकल डिवाइस को उनके जोखिम के आधार पर चार कैटेगरी में रखा गया है। इसमें A और B कैटेगरी के मेडिकल डिवाइस, कम और हल्के जोखिम वाले कैटेगरी में आते हैं। भारत में इसके तहत थर्मामीटर, मेडिकल सीरिंज, कुछ कैथेटर, कंडोम, फेस मास्क जैसे मेडिकल डिवाइस आते हैं। अब उन मेडिकल डिवाइस की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article