देश

'जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद...', मौलाना मदनी के बिगड़े बोल पर मचा सियासी बवाल; BJP ने किया पलटवार

Mahmood Madani Controversial Statement: जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को न सिर्फ विवादित टिप्पणी की, बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे भड़काऊ बटाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख का भोपाल में दिया गया बयान भड़काऊ और देश को बांटने वाला है।

Image

जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी (फोटो साभार: ANI)

Photo : ANI

Mahmood Madani Controversial Statement: जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को न सिर्फ विवादित टिप्पणी की, बल्कि सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार है, जब तक 'आईन' की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार नहीं है।

मौलाना मदनी के बिगड़े बोल

मौलाना मदनी ने 'जिहाद' शब्द को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जिहाद, इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने 'जिहाद' जैसे इस्लाम के पवित्र विचारों को गलत इस्तेमाल, गड़बड़ी और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। भोपाल में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना मदनी ने कहा कि 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'एजुकेशन जिहाद' और 'थूक जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को बहुत दुख पहुंचाया जाता है और उनके धर्म का अपमान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें न कोई शर्म आती और न ही उन्हें पूरे समुदाय को चोट पहुंचाने की परवाह है।

देश के हालात बेहद चिंताजनक: मौलाना मदनी

इस दौरान, विवादित टिप्पणी करते हुए मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। महमूद मदनी ने यह भी कहा कि देश के मौजूदा हालात बहुत संवेदनशील और चिंताजनक हैं। दुख की बात है कि एक समुदाय को कानूनी तौर पर कमजोर, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से बेदखल किया जा रहा है। उनके धर्म, पहचान और वजूद को कमजोर करने के लिए मॉब लिंचिंग, बुलडोजर एक्शन, वक्फ प्रॉपर्टी पर कब्जा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के खिलाफ नेगेटिव कैंपेन जैसी कोशिशें हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज मुसलमान रास्ते पर अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्हें कदम-कदम पर नफरतों का सामना करना पड़ता है। महमूद मदनी ने कहा, "अब हमें तैयार भी होना पड़ेगा।" मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि 'घर वापसी' के नाम पर किसी खास धर्म में शामिल करने वालों को खुली छूट हासिल है। उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता है और न ही कानूनी कार्रवाई होती है। यह पूरी तरह से दोहरा रवैया है।

मौलाना मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऊपर भी सवाल उठाए। महमूद मदनी ने कहा, "किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है। दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में, खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।"

सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार है, जब तक 'आईन' की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार नहीं है।

भाजपा ने किया पलटवार

मौलाना मदनी के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख का भोपाल में दिया गया बयान भड़काऊ और देश को बांटने वाला है। जिहाद के नाम पर जिस प्रकार से लोगों ने भारत में ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी आतंक फैलाया है, वह हमने देखा है।

सुप्रीम कोर्ट ले स्वत: संज्ञान

संबित पात्रा ने कहा कि मौलाना मदनी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को सुप्रीम कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। मौलाना मदनी के इस बयान को सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान में लेकर इसकी सुनवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''मौलाना मदनी ने भाषण में कहा कि मरी हुई कौमें झुकती हैं, जिंदा कौमें नहीं झुकतीं और विरोध करती हैं। उन्होंने वंदे मातरम् को जबरन कहलवाने का आरोप भी लगाया। मैं मौलाना मदनी को याद दिलाना चाहता हूं कि वंदे मातरम् किसी धर्म का नहीं, हमारी मातृभूमि का सम्मान है, जिसके लिए अनगिनत वीरों ने अपना बलिदान दिया है।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article