Raigad Landslide: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कल देर रात हुए भूस्खलन के बाद बड़ा हादसा हुआ है। भूस्खलन से यहां 40-50 परिवार मलबे के बीच फंस गए हैं। भूस्खलन की घटना खालापुर के पास हुई, जहां आदिवासी बस्ती के कई घर हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। ऑपरेशन में शामिल होने के लिए दो और टीमें मुंबई से पहुंची हैं।
75 लोगों को बचाया, कई लोग अब भी दबे हैं
एक अधिकारी ने बताया कि 75 लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन कई लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के चार दल बचाव कार्य में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि इरशालवाड़ी गांव में करीब 50 मकान हैं, जिनमें से 17 मकान बारिश के बाद आए भूस्खलन के कारण दब गए हैं। एनडीआरएफ कर्मियों ने भूस्खलन स्थल से एक शव बरामद किया, जबकि बचाव दलों ने चार शव पहले ही बरामद कर लिए थे। यह गांव मोरबे बांध से छह किलोमीटर दूर है। यह बांध नवी मुंबई को पानी की आपूर्ति करता है।
दिल का दौरा पड़ने से अधिकारी की मौत
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नवी मुंबई नगर निकाय के अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी की दिल का दौरा पड़ने से उस समय मौत हो गई जब वह भूस्खलन स्थल पर बचाव अभियान में शामिल होने जा रहा था। नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) के मुख्य अग्निशमन अधिकारी शिरीष अराडवाड ने बताया कि नवी मुंबई के बेलापुर दमकल केंद्र में सहायक स्टेशन अधिकारी शिवराम धुम्ने (52) बुधवार आधी रात को भूस्खलन स्थल पर जा रहे थे तभी रास्ते में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। एनएमएमसी की अग्निशमन सेवा टीम ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। अधिकारी ने कहा कि अग्निशमन अधिकारी की मौत के संबंध में जांच की जा रही है।
सीएम शिंदे घटनास्थल पहुंचेराज्य के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि भूस्खलन में बचाए गए लोगों को नवी मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने बचाव कार्य में लगे कर्मियों से बात की। उन्होंने वहां संवाददाताओं से कहा कि यह गांव भूस्खलन संभावित गांवों की सूची में नहीं था। उन्होंने कहा कि अब हमारी प्राथमिकता मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाना है। अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन बुधवार देर रात करीब 11 बजे खालापुर तहसील के इरशालवाड़ी गांव में हुआ। यह गांव माथेरान और पनवेल के बीच स्थित इरशालगढ़ किले के पास स्थित है।
इरशालवाड़ी एक आदिवासी गांव
इरशालवाड़ी एक आदिवासी गांव है जहां पक्की सड़क नहीं है। मुंबई-पुणे राजमार्ग पर चौक गांव इसका निकटतम शहर है। जिला प्रशासन ने ट्रेकर्स समूहों से खोज और बचाव कार्यों में मदद करने का अनुरोध किया है। यह 30 जुलाई 2014 को पुणे जिले की अंबेगांव तहसील के मालिन गांव में हुए भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र में सबसे बड़ा भूस्खलन है। उस भीषण भूस्खलन ने लगभग 50 परिवारों वाले पूरे आदिवासी गांव को तबाह कर दिया था। बचाव अभियान रोके जाने के बाद अंतिम मृतक संख्या 153 थी।
पांच लोगों की मौत
खालापुर तालुका में इरशालगढ़ वाडी में भूस्खलन हुआ है। मोरबे बांध के किनारे की बस्ती पर चट्टान गिरी है। यहां 50 से 60 घर मौजूद हैं। इरशालगढ़ पर्वत के कुछ हिस्से गिर गए जिससे 5 लोगों की मौत भी हुई है। घटना उस वक्त हुई जब भारी बारिश हो रही थी और घटना रात 11.30 से 12 बजे के बीच की है। हादसे में कुछ नागरिक सुरक्षित बच निकले जबकि कई लोग अभी भी दरार में फंसे हुए हैं। शुरुआती जानकारी है कि कई लोगों की मौत हुई है।पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश
पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार, रायगढ़ जिले की छह प्रमुख नदियों में से दो सावित्री और पातालगनागा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और अंबा नदियां अलर्ट निशान पर पहुंच गईं। इसके अलावा गढ़ी और उल्हास नदियां अलर्ट निशान के करीब बह रही थीं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, रायगढ़ और पालघर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। एनडीआरएफ ने बाढ़ राहत प्रयासों में मदद के लिए पूरे महाराष्ट्र में 12 टीमें तैनात की हैं। मुंबई में पांच टीमें और पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, कोल्हापुर, सांगली, नागपुर और ठाणे में एक-एक टीम तैनात की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल आज बंद रहेंगे।
