देश

जासूसी मामले में मुश्किल में मनीष सिसोदिया, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलWritten by: ललित राय
  • Updated Mar 16, 2023, 01:43 PM IST

Manish Sisodia snooping case: दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी में आरोपों का सामना कर रहे मनीष सिसोदिया की मुश्किल बढ़ गई है। एफबीयू के जरिए जासूसी मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है।

Manish Sisodia snooping case: दिल्ली के डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। सीबीआई ने फीडबैक यूनिट के जरिए कथित जासूसी मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में सिसोदिया समेत पांच लोगों के नाम शामिल हैं। बता दें कि इस तरह के आरोप लगाए गए कि दिल्ली सरकार के विभागों में भ्रष्टाचार पर नजर रखने की जगह विरोधी दलों के नेताओं पर नजर रखने का काम किया जाता था।22 फरवरी को, केंद्र ने दिल्ली सरकार के विभाग के माध्यम से 'राजनीतिक खुफिया जानकारी' एकत्र करने के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए केंद्रीय एजेंसी को मंजूरी दे दी थी।

2015 में फीडबैक यूनिट का गठन

आम आदमी पार्टी के शासन ने दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न विभागों और स्वायत्त निकायों, संस्थानों और संस्थाओं के कामकाज के बारे में प्रासंगिक जानकारी और कार्रवाई योग्य प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए 2015 में फीडबैक यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था।सीबीआई ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पेश किया। लेकिन कोई एजेंडा नोट प्रसारित नहीं किया गया। इसने आरोप लगाया कि इस इकाई में नियुक्तियों के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से कोई मंजूरी नहीं ली गई।

जासूसी का आरोप

सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा था कि फीडबैक यूनिट ने आवश्यक जानकारी एकत्र करने के अलावा राजनीतिक दलों और लोगों की जासूसी की। आप या उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए राजनीतिक खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के मकसद से एफबीयू के उपयोग को देखा जा सकता है। क्योंकि इस जानकारी को इकट्ठा करने से अन्यथा आवश्यक रूप से पैसा खर्च करना पड़ता। दिल्ली आबकारी नीति मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में चल रहे सिसोदिया के लिए एफआईआर ने और मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्हें आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!