Manipur Violence: मणिपुर में हाल के दिनों में हुई दो दर्दनाक घटनाओं ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। इन घटनाओं के बाद लोगों में गुस्सा और दुख दोनों देखा जा रहा है। जगह-जगह लोग सड़कों पर उतरकर शांति और न्याय की मांग कर रहे हैं। पहली घटना 7 अप्रैल को बिशनुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी इलाके में हुई, जहां एक बम धमाके में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। जैसे ही यह खबर इम्फाल पहुंची, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए। लोगों ने हाथों में मशाल (candle march Manipur) लेकर शांतिपूर्ण रैली निकाली।
हत्या के विरोध में लोगों ने निकाला मोमबत्ती मार्च
इस दौरान उन्होंने 'शांति चाहिए' और 'दोषियों को सजा दो' जैसे नारे लगाए। कई जगहों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों के बीच हल्की झड़प भी हुई, जिसके बाद आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद लोग लगातार न्याय की मांग करते रहे। दूसरी घटना 18 अप्रैल को इम्फाल-उखरुल रोड पर हुई, जहां दो नागा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से नागा समुदाय में गहरा आक्रोश और शोक फैल गया। इसके विरोध में नागा पीपुल्स यूनियन इम्फाल और ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर ने मिलकर शोक सभा और मोमबत्ती मार्च निकाला।
नागा और मेइती दोनों समुदायों के लोग हुए शामिल
यह कार्यक्रम एमएओ मार्केट के पास चर्च के नजदीक आयोजित किया गया। इसमें नागा और मेइती दोनों समुदायों के लोग शामिल हुए, जो एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश था। लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की। इन दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि मणिपुर के लोग अब लगातार हो रही हिंसा से बहुत परेशान हो चुके हैं। आम नागरिक, खासकर बच्चे, इन घटनाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। पूरे राज्य में डर और असुरक्षा का माहौल है। लोगों की सबसे बड़ी मांग अब यही है कि सरकार जल्दी से जल्दी दोषियों को गिरफ्तार करे और राज्य में स्थायी शांति स्थापित की जाए।
