Manipur Violence Latest Update in Hindi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसाग्रस्त मणिपुर के नेताओं से इंफाल में संवाद साधा है। मंगलवार (30 मई, 2023) को दिन में उन्होंने कई मेइती, कुकी महिला समूहों और अहम शख्सियतों से बात की। शांति बहाली के लिए इन्होंने अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही यह आश्वासन दिया कि वे नॉर्थ ईस्ट के इस संकटग्रस्त सूबे में सामान्य स्थिति लाने की दिशा में काम करेंगे। मंत्री ने इसके अलावा इंफाल में पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), सेना के सीनियर अफसरों के साथ राज्य में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इस बाबत बताया कि सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता मणिपुर में शांति और समृद्धि है। सुरक्षा अधिकारियों को शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है।
मृतकों के परिजन को 10-10 लाख का मुआवजा
आईटीएलएफ के सचिव मुआन टॉम्बिंग के मुताबिक, “हमने मणिपुर से पूर्ण अलगाव की मांग की है- राजनीतिक और भौगोलिक तौर पर। हमने राष्ट्रपति शासन की भी मांग की क्योंकि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। शाह ने हमें बताया कि लंबे समय तक चली इस झड़प के कारणों का पता लगाने के लिए सीबीआई को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा। साथ ही न्यायिक जांच की भी घोषणा की जाएगी।” वैसे, इससे पहले दिन में केंद्र और मणिपुर सरकार ने राज्य में जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया। दंगे में मारे गए व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी। अधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुआवजे की राशि केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर वहन करेंगी।
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