Manipur Violence: मणिपुर में एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बिष्णुपुर जिले (Bishnupur firing) में विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, स्थिति उस वक्त नियंत्रण से बाहर हो गई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी CRPF के एक कैंप की ओर बढ़ने लगे। दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुए एक बम धमाके से हुई थी। मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में हुए इस हमले में दो बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
500 लोगों की थी भीड़
घटना से गुस्साए लोग, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा शामिल थे, सड़कों पर उतर आए और विरोध जताने लगे। उनकी मांग थी कि हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। समय के साथ प्रदर्शन और उग्र हो गया। पुलिस के मुताबिक, करीब 500 लोगों की भीड़ बिष्णुपुर जिले के गेलमोल गांव में स्थित सीआरपीएफ कैंप के पास पहुंच गई। शुरुआत में सुरक्षाबलों ने लोगों को समझाने और हालात को शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ आक्रामक हो गई। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों के वाहनों और आसपास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और आगजनी भी की।
भीड़ ने कैंप के भीतर घुसने की कोशिश की
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब भीड़ ने कैंप के भीतर घुसने की कोशिश की। पीटीआई के मुताबिक इसके बाद सुरक्षा बलों को मजबूरन गोलीबारी करनी पड़ी। इस कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। मणिपुर में पहले से ही हालात संवेदनशील बने हुए थे और इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है। प्रशासन फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
