Mamata Banerjee Will Meet PM Modi: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि केंद्र पर राज्य के बकाये हिस्से के भुगतान के वास्ते दबाव बनाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय मांगा है। बनर्जी ने उत्तर बंगाल में सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी जायेंगी और उन्होंने 18 और 20 दिसंबर के बीच तीन दिनों में किसी भी दिन मिलने का उनसे समय मांगा है।
ममता बनर्जी ने क्यों मांगा पीएम से मिलने का वक्त
उन्होंने कहा, 'मैं इस महीने पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) के कुछ सांसदों के साथ दिल्ली जाऊंगी और मैंने केंद्र पर राज्य के बकाये हिस्से के भुगतान के वास्ते दबाव बनाने के लिए प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है।' उन्होंने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री से 18, 19 और 20 दिसंबर में से किसी भी दिन मिलने का समय देने का अनुरोध किया है।'
वित्तीय बकाये हिस्से को लेकर भड़कीं सीएम ममता
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र राज्य से जीएसटी वसूल रहा है लेकिन वह उस कमाई को साझा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, 'राज्य मनरेगा जैसी कई केंद्रीय योजनाओं में भी धनराशि पाने के लिए पात्र है लेकिन उसे उनके भी पैसे नहीं मिल रहे हैं। राज्य को केंद्र से उसके वित्तीय बकाये हिस्से वंचित किया जा रहा है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में अपना हिस्सा रोक रखा है लेकिन राज्य अपने संसाधानों से उन्हें जारी रखे हुए है। ममता बनर्जी फिलहाल एक सप्ताह की उत्तर बंगाल यात्रा पर हैं।
महुआ के निष्कासन पर ममता ने क्या कहा था?
ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ‘पैसे लेकर सवाल पूछने’ के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने के फैसले की निंदा की और इस कदम को देश के संसदीय लोकतंत्र के साथ ‘विश्वासघात’ करार दिया। ममता बनर्जी ने कहा, 'यह संसदीय लोकतंत्र के लिए शर्म की बात है। जिस तरह से महुआ मोइत्रा को निष्कासित किया गया, उसकी हम निंदा करते हैं, पार्टी उनके साथ खड़ी है। वे (भाजपा) हमें चुनाव में नहीं हरा सकते, इसलिए उन्होंने बदले की राजनीति का सहारा लिया है। यह दुखद दिन है और भारतीय संसदीय लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है।' टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मोइत्रा को अपना पक्ष रखने की भी अनुमति नहीं दी। बनर्जी ने कहा, 'लेकिन, वह (मोइत्रा) बड़े जनादेश के साथ संसद में लौटेंगी। भाजपा सोचती है कि पार्टी जो चाहे कर सकती है, क्योंकि उनके पास प्रचंड बहुमत है। उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जब वे सत्ता में नहीं रहेंगे।'
(इनपुट- भाषा)
