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पटना में लगने लगा विपक्ष का जमावड़ा, लालू-नीतीश से मिलीं ममता; केजरीवाल भी पहुंचे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 22, 2023, 08:34 PM IST

Opposition meeting in Patna: बैठक में केजरीवाल के शामिल होने पर संशय था। दरअसल, आम आदमी पार्टी की ओर से चेतावनी दी गई थी कि अगर अध्यादेश मुद्दे पर कांग्रेस उनका समर्थन नहीं करती है तो वह बैठक का बहिष्कार करेंगे।

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लालू प्रसाद यादव से मिलीं ममता बनर्जी

Photo : ANI

Opposition meeting in Patna: आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए विपक्षी दलों की एक बड़ी बैठक कल पटना में होने वाली है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिशों के बाद हो रही इस बैठक में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पटना पहुंच चुकी हैं। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रयाद यादव से मुलाकात की और बाद में सर्किट हाउस के लिए रवाना हो गईं, जहां ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार से मुलाकात की।

इस बीच खबर है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पटना पहुंच चुके हैं। उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप नेता संजय सिंह और राघव चड्डा भी मौजूद रहे। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने पटना साहिब गुरुद्वारा में माथा भी टेका।

केजरीवाल के बैठक में शामिल होने पर था संशय

बता दें, कल होने वाली बैठक में केजरीवाल के शामिल होने पर संशय था। दरअसल, आम आदमी पार्टी की ओर से चेतावनी दी गई थी कि अगर अध्यादेश मुद्दे पर कांग्रेस उनका समर्थन नहीं करती है तो वह बैठक का बहिष्कार करेंगे। इसके बाद कांग्रेस नेता की ओर से भी केजरीवाल पर निशाना साधा गया था। हालांकि, शाम को पटना पहुंचकर केजरीवाल ने अटकलों को विराम दे दिया।

महबूबा मुफ्ती भी पहुंचीं पटना

इस बीच खबर है कि पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती भी गुरुवार सुबह पटना चहुंच चुकी हैं। इसके अलावा विपक्ष के कई और बड़े नेताओं के भी इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, उद्धव ठाकरे, शरद पवार जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हो सकते हैं।

बैठक पर भाजपा की नजर

पटना में विपक्षी नेताओं के इस जमावड़े पर भाजपा की गहरी नजर है। राजनीतक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बैठक को भारतीय जनता पार्टी बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहेगी। दरसअल, अगर यह बैठक कामयाब रहती है तो 2024 के आम चुनावों में कई सीटों पर भाजपा का खेल बिगड़ सकता है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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