पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं पर एक वीडियो जारी कर हमला बोला है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे या तो टीएमसी के साथ रहें या फिर खुलकर भाजपा में शामिल हो जाएं। बीच की राजनीति करने वालों को आखिरकार दोनों तरफ से नुकसान उठाना पड़ेगा।
पार्टी के कुछ बागी सांसद और विधायक भाजपा के इशारों पर काम कर रहे- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ बागी सांसद और विधायक भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के रवैये ने भाजपा को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमले तेज करने का मौका दिया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कलकत्ता में तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई के विरोध मार्च के दौरान भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प हुई और हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
बता दें कि टीएमसी ने यह मार्च बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में निकाला था। प्रदर्शन निकालने से पहले टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति भी ली थी। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने रास्ते में नारेबाजी की और मानव श्रृंखला बनाकर रैली को रोकने की कोशिश की।
'जो राजनीतिक खेल खेल रहे , वे अपना फैसला कर लें'
ममता ने इसे लेकर कहा कि जो नेता राजनीतिक खेल खेल रहे हैं, उन्हें अपना फैसला कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस के साथ रहना है तो पार्टी के लिए काम करें, अन्यथा सीधे भाजपा में शामिल हो जाएं। नदी के बीच में खड़े रहने की कोशिश न करें, वरना दोनों किनारे हाथ से निकल जाएंगे।
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'कुछ लोग पार्टी में रहकर कार्यकर्ताओं को गुमराह कर रहे'
बिना किसी नेता का नाम लिए ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ लोग पार्टी में रहकर कार्यकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं से कहा कि अगर उनका झुकाव भाजपा की ओर है तो उन्हें खुलकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। तृणमूल प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे कथित 'गद्दारों' के प्रभाव में न आएं और उन जमीनी कार्यकर्ताओं के योगदान को याद रखें, जिनके संघर्ष और बलिदान के दम पर पार्टी मजबूत हुई और चुनावी जीत हासिल कर सकी।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद पार्टी के कई कार्यक्रमों की मंजूरी रद्द की गई। उन्होंने कहा कि इससे न्यायिक आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर राज्य का माहौल खराब करने और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
