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'ममता दीदी ने फर्जी दस्तावेज हासिल करने में की घुसपैठियों की मदद'; भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुरू की परिवर्तन यात्रा

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी हुई नई मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया है कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में '50 लाख से अधिक घुसपैठिए' शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब बंगाल की धरती से अवैध घुसपैठियों को बाहर करने का समय आ गया है।

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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा ने रासमेला मठ,कूचबिहार से परिवर्तन यात्रा शुरू की है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वहां मौजूद को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने टीएमसी और सूबे की मुखिया ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने फर्जी दस्तावेज हासिल करने में मदद करके घुसपैठियों को संरक्षण प्रदान किया।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि हमें न केवल बंगाल से घुसपैठियों को बाहर निकालना है,बल्कि एक ऐसी निर्णायक सरकार भी स्थापित करनी है जो विकास ला सके। वे कूच बिहार में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि नौकरियां छीनने वाले 50 लाख से अधिक घुसपैठियों के नाम बंगाल की मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप

सीएम पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल की मतदाता सूची में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालत का रुख किया, क्योंकि वे उनकी पार्टी का वोट बैंक हैं। कूचबिहार में पार्टी की ‘परिवर्तन यात्रा’ को हरी झंडी दिखाते हुए नवीन ने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरियों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग न सिर्फ असली नागरिकों के अधिकारों का हनन कर रहे थे,बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा थे।

चुनाव आयोग ने कल जारी की थी नई मतदाता सूची

यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने शनिवार को पोस्ट-SIR मतदाता सूची जारी की,जिसमें कुल 63.66 लाख नाम हटाए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यह कुल मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया नवंबर में शुरू हुई थी और 116 दिनों तक चली।

गहन मतदाता पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की कुल संख्या 7.66 करोड़ से घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, नाम हटाने के पीछे मृत्यु, स्थानांतरण, दोहराव और अनुपलब्धता जैसे कारण बताए गए हैं। इसके अलावा करीब 60 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ श्रेणी में रखे गए हैं, जिनकी पात्रता पर आने वाले दिनों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत फैसला होगा।

दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में पहले ही 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे। इसके बाद दावों और आपत्तियों की सुनवाई के पश्चात फॉर्म-7 के जरिए करीब 5.46 लाख अतिरिक्त नाम सूची से हटाए गए।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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