Mahashivaratri 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को लोगों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 15 वर्ष में धार्मिक सद्भाव बनाए रखने तथा सभी समुदायों के उपासना स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।ममता बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बंगाल में विभिन्न धर्मों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को बरकरार रखने के लिए उनकी सरकार ने पूरे राज्य में धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और विकास का कार्य किया है।
CM ममता ने भगवान शिव को किया नमन
उन्होंने भगवान शिव को नमन करते हुए कहा कि जलपाईगुड़ी के प्रसिद्ध जलपेश मंदिर समेत कई प्रमुख मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने कहा कि जलपेश मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक स्काईवॉक का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि तारकेश्वर मंदिर के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए राज्य सरकार ने तारकेश्वर विकास प्राधिकरण का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत रोशनी की व्यवस्था, सड़कों का विकास और समग्र पुनरुद्धार का कार्य किया गया है।
शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बर्दवान, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, बीरभूम और पश्चिम मेदिनीपुर समेत कई जिलों के शिव मंदिरों में जीर्णोद्धार और विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बकरेश्वर में पर्यटन ढांचे का भी उन्नयन किया गया है। उन्होंने घोषणा की कि सिलीगुड़ी में एक 'महाकाल महातीर्थ' विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान शिव की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में से एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
बनर्जी ने इस अवसर पर कामना की कि सभी के जीवन में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बरकरा रहे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर चौधरी ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अधिक प्रसन्नता होती यदि बनर्जी रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और राज्य से उद्योगों के कथित "पलायन" पर भी बात करतीं। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि यदि तृणमूल कांग्रेस दोबारा सत्ता में आई तो कोई भी मंदिर सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता यह बात समझ चुकी है और भगवान शिव के एक रूप महाकाल उनके शासन का अंत सुनिश्चित करेंगे। राज्य में कुछ ही महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं।
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